इस इश्क ने निकम्मा कर दिया जालिम नहीं तो आदमी हम भी बड़े काम के थे- सुंदरी अंतर्राज्यीय डकैत गिरोह की सरगना साधना पटेल गिरफ्तार

इस इश्क ने निकम्मा कर दिया जालिम नहीं तो आदमी हम भी बड़े काम के थे- सुंदरी अंतर्राज्यीय डकैत गिरोह की सरगना साधना पटेल गिरफ्तार

इस इश्क ने निकम्मा कर दिया जालिम नहीं तो आदमी हम भी बड़े काम के थे- सुंदरी अंतर्राज्यीय डकैत गिरोह की सरगना साधना पटेल गिरफ्तार

Posted by: Mrs. Pooja Jha, Updated: 17/11/19 05:44:44pm


मध्य प्रेदश की सीमा पर कई वारदातों को अंजाम देने वाली अंतर्राज्यीय डकैत गिरोह की सरगना साधना पटेल को आज सुबह सतना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कई वर्षो से पुलिस को चख्मा दे रही थी। बताया जा रहा है कई माह से राज्य के बाहर साधना पटेल ने पनाह ले रखी थी। पुलिस को उसी दौरान खुफिया सुचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने  विशेष  टीम गठित कर  डकैत साधना पटेल को पकड़ा लिया।  

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साधना पटेल 30 हजार की इनामी डकैत थी। सतना पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कॉफ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। कई माह से राज्य के बाहर रह रही थी। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से 315 बोर की एक बंदूक बरामद हुआ है।

सुन्दरी साधना का प्रेम

किसी ने सच ही कहा है कि ये  इश्क नही आसान आग दरिया है, और डुबते जाना है।  इश्क में लोग घर परिवार से बागी बना देता है। इस इश्क ने साधना को भी डकेत बना दिया। इश्क में कत्ल हुए, गोलियां चली, इश्क के फेर में कई घर बर्बाद हुए, रियासतें लुट गर्इं। एक ऐसा ही वाकया दस्यु प्रभावित गांव का आया है। सम्पन्न घराने का युवक इश्क के फेर में बागी हो गया। घर छोड़कर डकैतों के  साथ आ गया। डकैतों के साथ मिलकर अपहरण की वारदात को अंजाम देकर जरायम की दुनिया में कदम रख दिया। युवक के डकैत बनने के पीछे इश्क बड़ी वजह है। दरअसल यह युवक एक साल से दस्यु सुन्दरी के इश्क की गिरफ्त में था। इश्क के फेर में डकैत बन चुके युवक के सिर पर इनाम घोषित कर पुलिस तलाश में लगी है।

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कौन है दस्यु सुन्दरी साधना
दस्यु सुन्दरी साधना पटेल के रिश्ते तराई में सक्रिय रहे डकैतों से बचपन से ही रहे हैं। यूं तो साधना मूलत: कर्वी जिले के भरतकूप चौकी के बगहिया की रहने वाली है। पर उसका रहना ज्यादातर भगड़ा थाना नयागांव में रहने वाली अपनी बुआ के यहां होता था। एनकांउटर में मारे जा चुके डकैत चुन्नीलाल पटेल का प्रेम प्रसंग साधना की मां के साथ था। भगड़ा में भी डकैत चुन्नीलाल आता जाता था। डकैत चुन्नीलाल साधना को अपनी बेटी बताता था। चुन्नीलाल के मारे जाने के कुछ समय बाद साधना का विवाह हुआ लेकिन पति को छोड़कर वह भगड़ा में रहने आ गई। तराई में नवल गिरोह के सक्रिय होेने पर साधना सुर्खियों में आई।
नवल के साथ दो शिक्षकों के अपहरण में साधना शामिल रही। नवल गिरोह को कई मर्तबा पुलिस से बचाने में साधना ने कवच का काम किया। नवल के जेल जाने के बाद साधना ने दीपक का दामन थाम लिया। इन दिनों साधना नवोदित दस्यु गिरोह के सरगना दीपक शिवहरे निवासी सेजवार थाना नयागांव के साथ जंगल में सक्रिय है। तराई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि साधना बेहद ही शातिर है। वह जीन्स पैंट पहनती है, राइफल लेकर चलती है, महज 19 वर्ष की दस्यु सुन्दरी साधना नए-नए युवकों को प्यार के जाल में फंसाकर गैंग में शामिल होने के लिए उकसाने का काम करती है।

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साधना संग किया था युवक का अपहरण साधना के बुलावे पर घर-परिवार छोड़कर दीपक शिवहरे गैंग में शामिल हुए छोटू उर्फ ज्ञानेन्द्र पटेल ने साधना और गैंग के अन्य सदस्यों के साथ पिछले दिनों नयागांव थाना के पालदेव निवासी छोटकू सेन का अपहरण कर लिया। कोल्हुआ के जंगल में ले जाकर गड़ा धन का पता हासिल करने के लिए छोटकू को बेरहमी पूर्वक पीटा गया। साधना और अन्य डकैतों ने छोटकू को बीड़ी से जलाया। कुल्हाड़ी से एक अंगुली काट ली। रात भर डंडे और बंदूक की बट से पिटाई की। गड़ा धन न मिलने पर छोटकू को छोड़ दिया।
छोटकू की शिकायत पर पुलिस ने दीपक, साधना समेत घर से भाग कर डकैत बने छोटू उर्फ ज्ञानेन्द्र पटेल समेत 7 के खिलाफ आईपीसी की धारा 364ए, 342, 324, 149, 120बी, 25/27 आर्म्स एक्ट एवं 11/13 एडी एक्ट के तहत प्रकरण कायम किया।

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बताया गया है कि अपहरण की वारदात में शामिल नवोदित दस्यु गिरोह के दो आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गिरोह के सरगना व एक मेम्बर पर 10-10 हजार के ईनाम है। पुलिस जल्द ही गैंग लीडर के अलावा गिरोह के चिन्हित किए गए सदस्यों पर ईनाम की राशि बढ़ाने की तैयारी में है। जिन सदस्यों पर ईनाम नहीं था उनकी गिरफ्तारी पर 10 हजार का ईनाम घोषित किया जा रहा है। जबकि गैंग लीडर पर ईनाम की राशि बढ़ाकर 20 हजार करने का पत्र एसपी कार्यालय से डीआईजी कार्यालय को भेजा गया है।
 

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