हम हिंदुस्तान के मुसलमान हैंं, यहीं का संविधान मानते हैं : इकबाल अंसारी

हम हिंदुस्तान के मुसलमान हैंं, यहीं का संविधान मानते हैं : इकबाल अंसारी

हम हिंदुस्तान के मुसलमान हैंं, यहीं का संविधान मानते हैं : इकबाल अंसारी

Posted by: , Updated: 17/11/19 08:07:32pm


अयोध्या। फैसला आ गया है.फैसले को हमने मान भी लिया। अब हम आगे नहीं जाना चाहते। हम हिंदुस्तान के मुसलमान है और हिंदुस्तान का संविधान मानते हैं। हिंदुस्तान का अहम फैसला था हम अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएंगे। लखनऊ में चल रही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक पर अपनी राय देते हुए यह बातें बाबरी मस्‍ज‍िद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहींं।

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यहीं खत्‍म हो जाए येे मसला : इकबाल अंसारी 

इकबाल ने कहा, हम चाहते हैं कि इस मसले को यहीं पर खत्म कर दिया जाए। जितना मेरा मकसद था उतना मैंने किया। घर अल्लाह का है और अल्लाह मालिक है। कोर्ट ने जो फैसला कर दिया उसे मान लो। अयोध्या समेत पूरे देश में शांति का माहौल बना रहे, देश तरक्की करें। हम पक्षकार थे और अब हम रिव्यू दाखिल करने आगे नहीं जाएंगे। पक्षकार ज्यादा हैं। कोई क्या कर रहा है यह मुझे नहीं मालूम, लेकिन हम अब रिव्यू दाखिल नहीं करेंगे। 

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बंद हो गई है ज‍िलानी की दुकान 

राम जन्म भूमि के पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा, हमारे अयोध्या के मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने रिव्यू दाखिल करने से साफ इंकार किया है। पुनर्विचार करने की याचिका दाखिल करने का कोई भी औचित्य नहीं है।जफरयाब जिलानी की दुकान बंद हो गई है, निश्चित है क‍ि वह फ‍िर से इसको चलाएंगे। जिन लोगों को इस मामले के निस्तारण से हानि हो रही है वह प्रयास कर रहे हैं। सामान्य मुसलमान भाई इस फैसले से खुश हैं ।इनके चाहने से कुछ नहीं होगा जो आदेश हो चुका है वही आदेश होगा। 

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सभी लोग राम का समर्थन करें

हिंदू पक्ष कार धर्मदास ने कहा, कानून के अनुसार सभी व्यक्ति स्वतंत्र हैं। हम चाहते हैं कि सभी लोग राम का समर्थन करें और राम के मंदिर के प्रति आस्था व्यक्त करें। इकबाल अंसारी अयोध्या के मुख्य पक्षकार हैं और वह कहते हैं कि हमें रिव्यू दाखिल नहीं करना है तो उनका स्वागत है। पुर्नव‍िचार याचिका दाखिल करने से कुछ नहीं होना है। कोर्ट का आदेश आ गया है, सबको उसका आदर करना चाहिए। हम सब लोग इसका पालन करेंगे। 

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