प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर एक बार फिर संसद ने जताई चिंता, बड़ा कदम उठाने की जरूरत

प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर एक बार फिर संसद ने जताई चिंता, बड़ा कदम उठाने की जरूरत

प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर एक बार फिर संसद ने जताई चिंता, बड़ा कदम उठाने की जरूरत

Posted by: , Updated: 22/11/19 01:58:30pm


प्रदूषण के प्रकोप पर गुरुवार (21 नवंबर) को एक बार फिर संसद में चिंता जताई गई। दोनों सदनों में एक सुर में इस समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। बाद में राज्यसभा में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने बताया कि सरकार इस दिशा में कई कदम उठा रही है। उन्होंने इनके अच्छे नतीजे सामने आने का दावा भी किया। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल में दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। साल दर साल प्रदूषण के लिहाज से खराब दिनों की घटती संख्या इसकी पुष्टि करती है।

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जावड़ेकर ने सदन में बाकायदा आंकड़ा देते हुए बताया कि कैसे वायु प्रदूषण कम हुआ है। उन्होंने 2016 से   2019 तक का ब्योरा दिया। इस साल के आंकड़े 19 नवंबर तक के हैं। 

वैश्विक समस्या: जावड़ेकर ने कहा कि वायु प्रदूषण दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या है। इससे निपटने के लिए जनसहभागिता जरूरी है। उन्होंने स्कूलों में नर्सरी कार्यक्रम सहित विभिन्न कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि इस संबंध में जन आंदोलन की जरूरत है।

कुछ और बड़े कदम उठाने की जरूरत: पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए समग्र योजना बनाई गई है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कार्यबल बनाया गया है। राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम शुरू किया है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से दिल्ली में प्रदूषण कम हुआ है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। कुछ और बड़े कदम उठाने की जरूरत है।  

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जावड़ेकर ने कहा कि वायु प्रदूषण के कारणों में औद्योगिक उत्सर्जन, वाहन जनित उत्सर्जन, सड़क और मिट्टी की धूल, निर्माण और विध्वंस गतिविधियां, बायोमास और कचरा जलाना शामिल हैं। कृत्रिम बारिश और यज्ञ का सुझाव: लोकसभा में वायु प्रदूषण पर मंगलवार को शुरू हुई चर्चा गुरुवार को भी जारी रही। भारतीय जनता पार्टी के संजय जायसवाल ने कृत्रिम बारिश, जबकि सत्यपाल सिंह ने यज्ञ कराने का सुझाव दिया।
  
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सुधार के कदम
* एक अप्रैल 2020 से वाहनों में बीएस-6 मानक लागू होंगे।
* सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा, सड़कों में सुधार होगा।
* 2024 तक पीएम10 और पीएम2.5 को 20 से 30% तक कम करने का लक्ष्य रखा।

पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कोई  'शॉर्ट-कट' नहीं है। इसके लिए जन सहभागिता की जरूरत है। सरकार जल्दी ही प्रदूषण की समस्या को खत्म करेगी।"

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2019 का हाल
175 दिन अच्छे/संतोषजनक रहे इस साल के 
148 दिन इस साल के खराब या बेहद खराब रहे

यूं बदली सूरत
अच्छे/संतोषजनक दिन बढ़े
2016 106
2017 152
2018 159

खराब दिनों की संख्या घटी
2016 246
2017 216
2018 206

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दिल्ली में फिर प्रदूषण बढ़ा
दिल्ली में गुरुवार (21 नवंबर) को लगातार दूसरे दिन वायु गुणवत्ता बेहद खराब रही। वायु गुणवत्ता सूचकांक 366 दर्ज किया गया। बुधवार (20 नवंबर) को सूचकांक 301 अंक पर था।

गाजियाबाद सबसे प्रदूषित
गाजियाबाद    416
नोएडा           402
फरीदाबाद      390
गुरुग्राम         280

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