महाराष्ट्र की राजनीति में हुए उलटफेर से सियासी में आया भूचाल, बयानों का दौर शुरू, यहां जानें किस नेता ने क्या कहा

महाराष्ट्र की राजनीति में हुए उलटफेर से सियासी में आया भूचाल, बयानों का दौर शुरू, यहां जानें किस नेता ने क्या कहा

महाराष्ट्र की राजनीति में हुए उलटफेर से सियासी में आया भूचाल, बयानों का दौर शुरू, यहां जानें किस नेता ने क्या कहा

Posted by: Mrs. Pooja Jha, Updated: 23/11/19 11:42:36am


महाराष्ट्र में रातोंरात बड़ा सियासी उलटफेर हो गया। राज्य में बीजेपी और एनसीपी ने हाथ मिलाकर अपनी सरकार बना ली। और लगभग महीने भर चले नाटक के बाद शनिवार को आखिरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। और  मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी और जेपी नड्डा जी का आभार व्यक्त करता हूं उन्होंने महाराष्ट्र की सेवा करने का मौका दिया। महाराष्ट्र की राजनीति में रातोरात हुए इस उलटफेर से सियासी में भूचाल आ गया है। बयानों का दौर शुरू हो गया है। 

यहां जानें किस नेता ने क्या कहा- 
 जेपी नड्डा ने कहा - फडणवीस और अजीत पवार को बहुत बहुत बधाई। अब महाराष्ट्र का तीव्र गति से विकास होगा।

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा- राजभवन की शक्तियों का दुरुपयोग हुआ है। अजीत पवार के इस फैसले के बारे में शरद पवार को कोई जानकारी नहीं थी। अजीत पवार ने शरद पवार को धोखा दिया है। रात के अंधेरे में ये पापा किया है। अजीत पवार ने चोरी की है। कल 9 बजे तक ये महाशय (अजित पवार) हमारे साथ बैठे थे, अचानक से गायब हो गए बाद में। वो नजर से नजर नहीं मिलाकर बोल रहे थे। जो व्यक्ति पाप करने जाता है उसकी नजर जैसे झुकती है, वैसे झुकी नजरों से बात कर रहे थे। उद्धव ठाकरे जी और शरद पवार जी संपर्क में हैं और आज भी मिलेंगे। वह संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित कर सकते हैं। पर सच तो यह है कि अजीत पवार और उनके साथ गए विधायकों ने छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराष्ट्र का अपमान किया है। अजित पवार ने महाराष्ट्र के लोगों के पीठ में छुरा घोंपा है।

 महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा- शिवसेना ने 2.5- 2.5 साल की बात को लेकर बीजेपी के साथ कभी भी बैठक नहीं की। उनके पास कांग्रेस-NCP के साथ बैठने के लिए समय था। शिवसेना हिंदुत्व छोड़ने के लिए तैयार है, शिव को छोड़ने के लिए तैयार है।

कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा- ये बुहत चौंकाने वाली खबर है। नहीं समझ आ रहा कि एनसीपी ने ये यूटर्न क्यों लिया?

- बिहार के उप मुख्यमंत्री और बीजेपी के नेता सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा- शिवसेना के चाणाक्य के ट्वीट का इंतजार है। नीतीश कुमार की तरह शरद पवार भी जानते हैं कि शिवसेना आरजेडी की तरह है। ऐसी पार्टियों के साथ काम करना बहुत मुश्किल है। देवेन्द्र फडणवीस को सीएम पद की शपथ लेने की बधाई। 

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों नेताओं को ट्विट कर बधाई दी। पीएम ने ट्विट किया- देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री और अजीत पवार को डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने के लिए शुभकामनाएं। मुझे विश्वास है कि वे महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगन से काम करेंगे।

बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- कि देवेन्द्र जी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और अजित पवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई। मुझे विश्वास है कि यह सरकार महाराष्ट्र के विकास और कल्याण के प्रति निरंतर कटिबद्ध रहेगी और प्रदेश में प्रगति के नये मापदंड स्थापित करेगी।

सीएम बनने के बाद फडणवीस का बयान फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी और जेपी नड्डा जी का आभार व्यक्त करता हूं उन्होंने महाराष्ट्र की सेवा करने का मौका दिया। जनता ने हमें स्पष्ट जनादेश दिया था लेकिन शिवसेना ने हमारा साथ छोड़कर किसी और जगह गठबंधन करना शुरू कर दिया।

जिसके चलते महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ। महाराष्ट्र जैसे राज्य में यह कितने समय लागू रहे यह शोभा भी नहीं देता है। इसके चलते महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार की जरूरत थी खिचड़ी सरकार की नहीं। अंत में मैं राष्ट्रवादी पार्टी के नेता अजित पवार को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने हमारा साथ दिया। उन्होंने कहा कि हमारे साथ कई अन्य लोग भी आएं हैं। हमारा दावा राज्यपाल का पेश किया। राज्यपाल जी ने राष्ट्रपति जी से अनुशंस की कि वह राष्ट्रपति शासन वापस लें। इसके बाद राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्यौता दिया। महाराष्ट्र में स्थिर और स्थाई सरकार दे पाएंगे। अजीत पवार बोले- डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कहा कि 24 तारीख को नतीजे आए और किसी की सरकार नहीं बनी। बहुत समस्या थी जिसमें किसानों की समस्या थी। सरकार आती है तो रास्ता निकालने में मदद हो सकती है। इसलिए हम सब ने यह निर्णय लिया।

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