भारत के साथ पाकिस्तान ने बंद की डाक मेल सेवा, विभाजन के बाद पहली बार हुआ ऐसा

भारत के साथ पाकिस्तान ने बंद की डाक मेल सेवा, विभाजन के बाद पहली बार हुआ ऐसा

भारत के साथ पाकिस्तान ने बंद की डाक मेल सेवा, विभाजन के बाद पहली बार हुआ ऐसा

Posted by: Mr. Diwakar Pathak, Updated: 21/10/19 06:23:38pm


फर्स्ट आई न्यूज़ डेस्क 

भारत विभाजन के बाद तीन युद्ध, और लगातार बने हुए तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच एक सेवा कभी बंद नहीं हुई। हालांकि, जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 को हटाने के बाद पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच डाक मेल सेवा को रोक दिया है। भारत ने इसे दुर्भाग्‍यपूर्ण कदम बताया है। डेढ़ महीने से ज्यादा समय हो गया है, जब पाकिस्तान ने पिछले 27 अगस्त को भारतीय डाक अधिकारियों से अपने देश के लिए डाक मेल की एक खेप को स्वीकार किया था। उसके बाद से यह सेवा बंद है। डाक सेवाओं के निदेशक आरवी चौधरी ने कहा कि यह एकतरफा फैसला उनकी तरफ से हैं। इस तरह का फैसला पहली बार किया गया है। भारत  के 28 विदेशी डाकघरों (एफपीओ) में से केवल दिल्ली और मुंबई एफपीओ को ही पाकिस्तान को डाक मेल भेजने और आने वाले के लिए नामित किया गया है।

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सेंट्रल दिल्ली के कोटला मार्ग पर एफपीओ को जम्मू-कश्मीर के अलावा छह राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश सेआने वाली खेप के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। जबकि मुंबई में एफपीओ को बाकी देश के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। दिल्ली एफपीओ केअधीक्षक सतीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान के अधिकांश डाक इस कार्यालय द्वारा भेजे जाते हैं और उनमें से अधिकांश पंजाब और जम्मू और कश्मीर सेहोते हैं। यह ज्यादातर अकादमिक और साहित्यिक सामग्री होती है। कुमार ने कहा कि उनके पास वर्ष भर की पाकिस्‍तान जाने वाली और आने वाली डाक मेल का डिटेल है।केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को पाकिस्‍तान पर प्रहार करते हुए कहा कि एकतरफा और बिना पूर्व सूचना के भारत को पत्रऔर मेल भेजने पर रोक लगा दी। पाकिस्तान तो पाकिस्तान है। पाकिस्तान ने पिछले दो महीनों से भारत आने और जाने वाली डाक सेवाओं को बंद कर दिया है। पाकिस्‍तान ने भारतीय पत्रों को बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के  बंद कर दिया हैं । प्रसाद स्‍टार्टअप के एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्‍होंनेकहा कि यह सीधे-सीधे विश्‍व डाक संघ के मानदंडों का उल्लंघन हैं। इसलिए हमारे डाक विभाग ने कार्रवाई के बारे में सोचा है। 

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