इमाम हुसैन की शहादत ने इस्लाम को जिंदा रखा  

इमाम हुसैन की शहादत ने इस्लाम को जिंदा रखा  

इमाम हुसैन की शहादत ने इस्लाम को जिंदा रखा  

Posted by: Firsteye Desk, Updated: 22/10/19 06:31:55pm


जौनपुर। दिल्ली से आये मौलाना जीनान असगर मौलाई ने सोमवार की रात नगर के मुफ्तीमोहल्ला में  मजलिस-ए-बरसी को खेताब करते हुए कहा कि कर्बला की जंग हक और बातिल की जंग थी। हजरत इमाम हुसैन के साथ सिर्फ 72 लोग थे जबकि यजीदियो की फौजें लाखो की तादात में थी बावजूद इसके इमाम हुसैन ने अपने 72 साथियों के साथ यजीदी हुकूमत के सामने खड़े हो कर पूरी दुनिया को ये बता दिया कि हक के लिए जंगे कैसे जीती जाती है।

कहीं भी जीत दर्ज करने का जज्बा रखती है भारतीय टीम: विराट कोहली

कर्बला में उनकी शहादत आज इस बात की गवाही दे रहा है कि इस्लाम जिंदा है और यजीद का कोई नाम लेने वाला नही है। उन्होंने कहा कि कुछ आतंकवादी संगठनों ने पूरी दुनिया मे इस्लाम का चोला ओढ़ कर एक बार फिर यजीदी हुकूमत की याद ताजा करने की कोशिश की पर उनका क्या हश्र इराक, सीरिया,अफगानिस्तान में हुआ आप सब ने देखा है।ये इमाम हुसैन की शहादत व दुआओ  की देन है कि ईरान जैसा छोटा सा मुल्क दुनिया के सुपरपॉवर मुल्क के सामने सीना तान कर खड़ा है।ये जज्बा हम सब को सिर्फ कर्बला वालो की शहादत से ही मिलता है क्योंकि हक की हमेशा जीत होती है।

हम भी मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम: राजनाथ सिंह

 इससे पूर्व सोजख्वानी सै.नेसार हुसैन नकवी रायबरेली ने पढ़ा वहदत, तनवीर,व मुफ्ती जौनपुरी ने कलाम पढ़ा व अंजुमन मजलूमिया पोस्तीखाना ने नौहा मातम किया। संचालन अनवर जौनपुरी,व हसन जाहिद खान श्बाबूश्,सनम खान,नफीस हसन ने आभार प्रकट किया। इस मौके पर मौलाना महफुजूल हसन खान, मौलाना सफदर हुसैन जैदी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
 

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