जम्मू-कश्मीर के द्विभाजन पर भारत को मिला ईयू, का साथ

जम्मू-कश्मीर के द्विभाजन पर भारत को मिला ईयू, का साथ

जम्मू-कश्मीर के द्विभाजन पर भारत को मिला ईयू, का साथ

Posted by: Mr. Diwakar Pathak, Updated: 30/10/19 04:20:58pm


श्रीनगर, एजेंसी। गुरुवार 31अक्टूबर को जम्मू और कश्मीर से अलग होकर दो केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर बन जाएंगे। जम्मू और कश्मीर राज्य के दो केंद्र शासित प्रदेश  लद्दाख, जम्मू और कश्मीर में द्विभाजन की आधिकारिक घोषणा के कुछ घंटे पहले यूरोपीय यूनियन ने भारत का समर्थन किया है। बुधवार को कश्मीर की अपनी दो दिवसीय लंबी यात्रा का समापन करने वाले यूरोपीय संघ ईयू, के चार सदस्यों  ने कहा कि वे आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में भारत का समर्थन करते हैं। क्योंकि यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक वा जिम्मेदार देश है।

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जम्मू-कश्मीर का दौरा करने के बाद आज बोलते हुए यूरोपीय यूनियन ईयू के सांसदों ने भारत का समर्थन करते हुए कहा है कि वह कश्मीर के हालात से संतुष्ट हैं। उन्होंने कश्मीर मुद्दे को भारत का आंतरिक मामला बताया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में वह भारत के साथ हैं।जम्मू-कश्मीर का दौरा पूरा कर यूरोपीय यूनियन, के सांसदों के दल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत एक शांत देश है और कश्मीर के लोगों को भारत से काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने साथ ही कि उनके इस दौरे को राजनीतिक चश्मे से ना देखा जाए, यह बिल्कुल ठीक नहीं है। हम सिर्फ यहां हालात का जायजा लेने आए हैं।

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अनुच्छेद-370 भारत का निजी मामला'

अनुच्छेद-370 पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने साथ ही कहा कि अगर भारत-पाकिस्तान को शांति स्थापित करनी है तो दोनों देशों को आपस में बातचीत करनी होगी। अपने कश्मीर दौरे पर ईयू सांसदों ने कहा कि हमें वहां रहने का ज्यादा समय नहीं मिला, हम ज्यादा लोगों स् नहीं मिल पाए। उन्होंने आगे कहा कि ना जाने से बेहतर रहा कि वह थोड़े समय के लिए ही सही, लेकिन वहां गए।यूरोपियन यूनियन के सांसदों ने आतंकवाद के मसले पर भारत का समर्थन किया। ईयू सांसदों ने आतंक के मसले पर कहा कि हम आतंकवाद के खिलाफ हैं।  एक सवाल के जवाब में कहा कि वह यूरोपीय संसद में अपने कश्मीर दौरे की रिपोर्ट पेश नहीं करेंगे।

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ओवैसी को ईयू सांसदों का जवाब


 प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ई यू , सांसदों ने  असदुद्दीन ओवैसी के बयान का भी खंडन किया। ईयू सांसदों ने कहा कि हम नाज़ी लवर्स नहीं है। अगर हम ऐसे होते तो हमें कभी नहीं चुना जाता। उन्होंने नाज़ी शब्द के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई। असदुद्दीन ओवैसी ने  ईयू सांसदों की तुलना नाज़ी लवर्स से करते हुए उनपर निशाना साधा था।बता दें, मंगलवार को यूरोपीय संसद के 23 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर पहुंचा था। यहां उन्होंने स्थानीय नेताओं, अधिकारियों और सरपंचों से मुलाकात की थी। कश्मीर घाटी के हालात पर ईयू सांसदों को भारतीय सेना ने एक प्रेजेंटेशन भी दी थी। सभी सांसद डल झील भी गए थे।

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