सीआरपीएफ आतंकी हमले पर कोर्ट का बड़ा फैसला जल्द , 12 साल तक चली सुनवाई के बाद आरोपियों को मिलेगी सजा

सीआरपीएफ आतंकी हमले पर कोर्ट का बड़ा फैसला जल्द , 12 साल तक चली सुनवाई के बाद आरोपियों को मिलेगी सजा

सीआरपीएफ आतंकी हमले पर कोर्ट का बड़ा फैसला जल्द , 12 साल तक चली सुनवाई के बाद आरोपियों को मिलेगी सजा

Posted by: Mr. Diwakar Pathak, Updated: 01/11/19 04:23:36pm


यूपी। अयोध्या मामले के फैसले को लेकर जहां देश भर की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर लगी है। वही रामपुर में भी 12 साल पुराने (सीआरपीएफ) आतंकी हमले के मामले का फैसला भी शुक्रवार को आने वाला है। 12 साल तक चली सुनवाई के बाद अब कोर्ट ने फैसला सुनाने के लिए 1 नवम्बर की तारीख तय की है  माना जा रहा है कि लंबे इतंजार  के बाद (सीआरपीएफ) आतंकी हमले के इस मामले में जल्द ही दोषियो को सजा  सुनाई जायेगी।रामपुर में 31 दिसंबर 2007 और 1 जनवरी 2008 की मध्यरात्रि  में जब दुनिया पटाखे छोड़ कर नए साल का जश्न मना रही थी। तो वही दूसरी और  (सीआरपीएफ) ग्रुप सेन्टर पर आतंकियों  ने गोलीबारी करते हुए हमला कर दिया था।  इस खूनी तांडव में 7 जवान शहीद हो गए थे, और एक रिक्शा चालक की भी मौत हो गयी थी।  इस मामले में पुलिस ने  8 लोगो को  गिरफ्तार किया था। जिनकी पेशी रामपुर न्यायालय में चल रही है,जहाँ  इस मामले की सुनवाई आखिरी पड़ाव में इस  12 साल में  इस मामले पर कोर्ट में कई बार सुनवाइ भी हो चुकी है और अब फैसले की  तारीख 1 नवम्बर दी गयी है,अनुमान यह लगाया जा रहा है। कि 1 नवंबर को इस मामले पर कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है।

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 इस आतंकी हमले में शहीद होने वाले जवान

-1-हवलदार रामजी सरन मिश्र 2-हवलदार अफ़ज़ाल अहमद 3-हवलदार ऋषिकेश राय 4-सिपाही आनन्द कुमार5-सिपाही मनवीर सिंह 6-सिपाही विक्रम कुमार 7-सिपाही देवेंद्र कुमार 8-किशन लाल जो  रिक्शा चालक थे ।

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वही बचाव पक्ष के वकील जमीर रिजवी ने  इस पूरे मामले के बारे में बताया कि 31 दिसंबर 2007 और एक जनवरी 2008 करीबन रात  2:30 बजे रामपुर(सीआरपीएफ) पर कुछ अज्ञात लोगो द्वारा  हमला किया गया था। जानकारी के अनुसार यह हमला आतंकवादी हमला बताया गया था।हमले के दौरान  कुल 8 लोग मारे गये थे जिनमें 7 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए थे, और एक रिक्शा चालक किशनलाल भी मारा गया था।यह मामला अपर जिला जज थर्ड के यहां विचाराधीन है, इस मुकदमे में करीब 54 गवाह बनाए गए थे, 54 गवाह में से अभियोजन पक्ष द्वारा  38 गवाहों की गवाही कराई गई। उसके बाद आरोपियो  का  313 बार बयान लिया गया।  इस मुकदमे में दोनो पक्षों के बीच बहस करीबन 4 दिन तक चली, इन आतंकियों में  एक अभियुक्त फहीम अंसारी जो मुंबई का रहने वाला है  उसके पास से एक पासपोर्ट पाकिस्तानी सिम कार्ड,पाकिस्तान मेड एक पिस्टल , और बहुत सारे लाइन दार कागज बरामद हुए थे। बताया जा रहा है, फहीम को पुलिस ने उसको रामपुर में रोडवेज के पास से गिरफ्तार किया था।

 

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इस मामले  में कुल 8 आरोपी धरे गए थे। जिसमें पांच आरोपी सेंट्रल जेल बरेली में है,और तीन आरोपी लखनऊ जेल से आते हैं। सभी आरोपी पेशी पर आते हैं। इस मामले पर बहस अब समाप्त हो चुकी  है। और अब 1 नवंबर को को सुनवाई का फैसला आने वाला है। आतंकवादियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई,थी  इस केस की एफआईआर कोतवाली सिविल लाइंस के दरोगा ओम प्रकाश जी ने लिखवाई थी  और वह इस केस के वादी है। उनका बयान पीडब्ल्यू के तहत लिया  गया और बाकी गवाहों का भी बयान दर्ज किए गए, कुल मिलाकर 38 गवाहों ने गवाही दी पुलिस ने इसमें 8 लोगों को आरोपी बनाया, गया है जिनमें 1-जंग बहादुर उर्फ बाबा खान 2-शरीफ खान 3-गुलाब खान रामपुर की तहसील बिलासपुर का निवासी है,4- कौसर खान, 5- फहीम अंसारी मुम्बई का निवासी है, 6-इमरान शहजाद,7- मोहम्मद फारुख यह पाकिस्तान के निवासी हैं,  8- सबाउद्दीन यह बिहार के मधुबनी निवासी है।
 

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