Pegasus सॉफ्टवेयर से लोग हो रहें हैकिंग के शिकार

 Pegasus सॉफ्टवेयर से लोग हो रहें हैकिंग के शिकार

Pegasus सॉफ्टवेयर से लोग हो रहें हैकिंग के शिकार

Posted by: , Updated: 01/11/19 05:44:54pm


फर्स्ट आई न्यूज़ डेस्क। व्हाट्सएप ने इजरायल की एनएसओ ग्रुप के खिलाफ फेडरल कोर्ट, सैन फ्रांसिस्को में मुकदमा दायर किया है बता दे कि व्हाट्सएप के जरिए जासूसी करने का मामला बढ़ता जा रहा है। जासूसी का शिकार बनने वालों की सूची में भारत के कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों के नाम शामिल हैं।जिसमें व्हाट्सएप के एक अधिकारी ने कहा गया है, कि एनएसओ ग्रुप ने जासूसी सॉफ्टवेयर Pegasus के जरिए भारत समेत कई देशों के करीब 1,400 पत्रकारों और कार्यकर्ताओं के चैट की जासूसी की है। जासूसी के लिए इन सभी 1,400 लोगों के फोन पर मैलवेयर (वायरस) भेजे गए। यह जासूसी अप्रैल-मई, 2019 के बीच हुई है जिसमें दुनियाभर के 20 देशों के लोगों को शिकार बनाया गया।और भारत में जिन लोगों को निशाना बनाया गया है, उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, पूर्व लोकसभा सांसद और पत्रकार संतोष भारतीय के नाम भी शामिल हैं।

शाम तक भयानक रूप ले सकता है चक्रवाती तूफान, दक्षिण भारत में अलर्ट जारी

उन्होंने बताया कि कंपनी ने ऐसे 41 लोगों की पहचान की है, जिनकी जासूसी हुई। इनमें से 21 पत्रकार, वकील और कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बताया कि इन लोगों से टोरेंटो स्थित रिसर्च फर्म सिटिजन लैब या फिर खुद व्हाट्सएप ने संपर्क करके जासूसी की जानकारी दी।जासूसी के लिए इन सभी 1,400 लोगों के फोन पर मैलवेयर (वायरस) भेजे गए। यह जासूसी अप्रैल-मई, 2019 के बीच हुई है जिसमें दुनियाभर के 20 देशों के लोगों को शिकार बनाया गया।यह जासूसी अप्रैल-मई, 2019 के बीच हुई है जिसमें दुनियाभर के 20 देशों के लोगों को शिकार बनाया गया।पिगासस के जरिए किसी फोन को हैक करने के कई तरीके हैं। कई बार हैकर्स लिंक की मदद लेते हैं तो कई बार एप इंस्टॉल करवाया जाता है।

पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम की जमानत अर्जी खारिज,जेल में मिलेगा फेस मास्क और मिनरल वाटर

व्हाट्सएप के मामले में कॉलिंग फीचर की मदद ली गई है। इस सॉफ्टवेयर को फोन में इंस्टॉल करने के लिए व्हाट्सएप के वीडियो और ऑडियो कॉलिंग फीचर का इस्तेमाल हुआ है। खास बात यह है कि फोन रिसीव नहीं करने के बावजूद लोगों के फोन में पिगासस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए गए हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो इस सॉफ्टवेयर के जरिए लोगों की जासूसी करने के लिए उनके व्हाट्सएप नंबर पर वीडियो/ऑडियो कॉल किया गया। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक व्हाट्सएप एप पर सिर्फ मिस्ड कॉल देकर इस सॉफ्टवेयर को लोगों के फोन में इंस्टॉल किया गया है।इस हैकिंग के शिकार एंड्रॉयड के वर्जन 2.19.134 से पहले, एंड्रॉयड के बिजनेस एप के 2.19.44 वर्जन से पहले, आईओएस के 2.19.51 वर्जन से पहले, आईओएस के बिजनेस एप के 2.19.51 वर्जन से पहले और विंडोज फोन के 2.18.348 वर्जन से पहले के सभी वर्जन इसके शिकार हो सकते हैं, हालांकि इनके बाद वाले वर्जन में बग को फिक्स कर दिया गया है।

सीआरपीएफ आतंकी हमले पर कोर्ट का बड़ा फैसला जल्द , 12 साल तक चली सुनवाई के बाद आरोपीयों को मिलेगी सजा

व्हाट्सएप ने इस अटैक के बारे में अपने 1,400 यूजर्स को मैसेज भेजकर जानकारी दी है। तो आपके लिए बेहतर है कि आप अपने व्हाट्सएप एप को अपडेट करें, क्योंकि नए अपडेट में उस बग को फिक्स कर दिया गया है जिसके जरिए लोगों की जासूसी हुई।सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया कि भारत सरकार व्हाट्सऐप पर भारत के लोगों से जुड़ी जानकारियों की चोरी को लेकर चिंतित है। हमने व्हाट्सऐप को यह स्पष्ट करने को कहा है कि यह किस प्रकार की जासूसी है और उसने करोड़ों भारतीयों की निजता की सुरक्षा के लिये क्या कदम उठाया है।

Recent Comments

Leave a comment

Top