रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले के मामले में एडीजे कोर्ट ने सुनाया फ़ैसला

 रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले के मामले  में एडीजे कोर्ट ने सुनाया फ़ैसला

रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले के मामले में एडीजे कोर्ट ने सुनाया फ़ैसला

Posted by: , Updated: 01/11/19 07:11:34pm


रामपुर। लगभग12 वर्ष पहले रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले के मामले में शुक्रवार को एडीजे कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुना दिया है। इस हमले में सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे, जबकि एक रिक्शा चालक ने भी जान गंवा दी थी। इस हमले के आठ आरोपी में से छह को कोर्ट ने दोषी माना है। जब की दो को साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया गया है। एडीजे कोर्ट ने सीआरपीएफ ग्रुप कैंप पर आतंकी हमले के आरोप से कौसर फारूकी व गुलाब खान को बरी कर दिया है। इस हमले के छह दोषी में से तीन पाकिस्तानी हैं। इन सभी को शनिवार को सजा सुनाई जाएगी। अपर जिला सत्र तृतीय के न्यायालय में हमले के मामले में पाक अधिकृत कश्मीर के इमरान, मोहम्मद फारूख, मुंबई गोरे गांव के फहीम अंसारी, बिहार के मधुबनी का सबाउद्दीन सबा, मुरादाबाद के मूंढापांडे के जंग बहादुर बाबा खान और रामपुर के खजुरिया गांव के मोहम्मद शरीफ को दोषी माना गया है।

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जिलाशासकीय अधिवक्ता सरदार दलविंदर सिंह (डम्पी) ने बताया कि मोहम्मद शरीफ, जंग बहादुर, इमरान शहजाद, मोहम्मद फारूख और सबाउद्दीन को आतंकी हमले में दोषी करार दिया गया। गिरफ्तार मुंबई गोरेगांव के फहीम अंसारी से पासपोर्ट और पिस्टल वगैरह बरामद हुए थे। उसकी हमले में कोई भूमिका नहीं पाई गई है।उसे धारा 420, 467, 468, 471, 200 आईपीसी, 25/1/ए में दोषी पाया गया है। प्रतापगढ़ के कुंडा के कौसर फारुखी तथा बरेली के बहेड़ी के गुलाब खान को दोष मुक्त किया गया है। आज लखनऊ व बरेली जेल में बंद आठ आरोपियों को सजा सुनाई जानी थी। इसके कारण शहर में पुलिस तथा सीआरपीएफ हाई अलर्ट पर थे। 

मुंबई में आतंकी हमले के भी आरोपित थे फहीम और सबा 

सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर आतंकी हमले के आरोप में पुलिस ने जिन आठ लोगों को पकड़ा, उनमें शामिल फहीम अंसारी और सबाउद्दीन सबा पर मुंबई में हुए 26/11 के हमले में भी आरोपित थे। यह हमला 26 नवंबर 2008 को हुआ था, जिसमें पाकिस्तान से आए दस आतंकियों ने मुंबई पर हमला किया था। इस हमले में सौ से अधिक लोग मारे गए थे। पुलिस ने आतंकी कसाब को जिंदा पकड़ा था और बाकी मुठभेड़ में मारे गए थे। मुंबई पुलिस ने आतंकी हमले में फहीम और सबा को रेकी करने का आरोपित बनाया था। हालांकि, उनके खिलाफ पुख्ता सबूत न होने पर दोनों मुंबई हाईकोर्ट से बरी हो गए थे।

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हैंड ग्रेनेड और एके 47 से किया था सीआरपीएफ कैंप पर हमला 

31 दिसंबर 2007 में सभी नव वर्ष की अगवानी में मस्त थे।नये साल के स्वागत के जश्न की रात के दौरान पूरा शहर देर रात तक झूमा था। लोग जब थककर चूर होकर सो गए। तब ऐसा हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। पहली जनवरी की रात तीन बजे सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर आतंकियों ने बम और गोलियां बरसा दीं। इसके बाद तो अमन पसंद रामपुर के माथे पर आतंकी हमले का कलंक लगा दिया। आतंकियों ने हैंड ग्रेनेड और एके 47 से हमला किया था। इसमें सात जवान शहीद हो गए थे, जबकि गेट के पास रिक्शा में सो रहे चालक की भी मौत हो गई थी। यहां आतंकी सीआरपीएफ के हाईवे स्थित गेट से घुसे थे। गेट के पास ही रेलवे क्रॉसिंग है, जहां कुछ जवान आग जलाकर हाथ सेंक रहे थे। इसके अलावा कुछ जवान गेट पर तैनात थे। शायद किसी को हमले का जरा भी अंदाजा नहीं था।

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सर्दी में शॉल के अंदर हथियार छुपाकर वहां आए आतंकियों ने अचानक से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अचानक हुए हमले से जवानों को संभले का मौका नहीं मिला। इसके बाद आतंकी गोलियां और बम बरसाते हुए सेंटर के अंदर तक घुस गए थे।सीआरपीएफ पर आतंकी हमले का शायद जल्दी पता नहीं चलता, क्योंकि लोग धमाकों को आतिशबाजी का शोर समझते रहे। ऐसे में आतंकी और ज्यादा जानमाल का नुकसान कर सकते थे, लेकिन उसी दौरान वहां सिविल लाइंस पुलिस की जीप आ गई। पुलिस को कोसी पुल के नीचे एक लाश की सूचना मिली थी। पुलिस वहां से लौट रही थी तो सीआरपीएफ गेट के पास धमाकों की आवाज सुनकर रुक गई। जीप में एक दारोगा, चार सिपाही और एक होमगार्ड था। पुलिसकर्मियों ने आतंकियों से मोर्चा लिया, लेकिन पुराने जमाने के हथियार होने की वजह से पुलिसकर्मी ज्यादा देर तक नहीं टिक सके। आतंकियों ने पुलिस पर भी गोलियां चलाईं। उन्होंने किसी तरह जान बचाकर सूचना थाने में दी। जब तक पुलिस फोर्स और सीआरपीएफ के अधिकारी अलर्ट होते, तब तक आतंकी फरार हो चुके थे।

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ये था मामला

रामपुर में 31 दिसंबर 2007 की रात आतंकियों ने सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हमला किया था। इसमें मौके पर सात जवान शहीद हुए थे, जबकि एक रिक्शा चालक की भी जान चली गई थी। पुलिस ने इस हमले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इन सभी आरोपियों को लखनऊ और बरेली की जेलों में रखा गया है।हमले के मामले में पाक अधिकृत कश्मीर के इमरान, मोहम्मद फारूख, मुंबई गोरे गांव के फहीम अंसारी, बिहार के मधुबनी का सबाउद्दीन सबा, प्रतापगढ़ के कुंडा के कौसर खां, बरेली के बहेड़ी के गुलाब खां, मुरादाबाद के मूंढापांडे के जंग बहादुर बाबा खान और रामपुर के खजुरिया गांव के मोहम्मद शरीफ को गिरफ्तार किया गया था। सभी को सुरक्षा के मद्देनजर लखनऊ और बरेली की जेलों में रखा गया था।
 

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