खतरनाक होती जा रही है लखनऊ की हवा, महज 24 घंटों में 226 परिवारों पर संकट

खतरनाक होती जा रही है लखनऊ की हवा, महज 24 घंटों में 226 परिवारों पर संकट

खतरनाक होती जा रही है लखनऊ की हवा, महज 24 घंटों में 226 परिवारों पर संकट

Posted by: Firsteye Desk, Updated: 04/11/19 07:05:32pm


लखनऊ। धुंध और वातावरण में घुले प्रदूषण से सांस के मरीजों पर आफत आ गई है। बीते 24 घंटे में 226 से ज्यादा सांस के मरीज शहर के विभिन्न अस्पतालों की इमरजेंसी में पहुंचे। सबसे ज्यादा मरीज केजीएमयू, बलरामपुर, लोहिया और सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती किए गए। इनमें कई गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन के सहारे राहत पहुंचाई जा रही है। 

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बीते करीब 15 दिनों से धुंध छाई है। केजीएमयू के रेस्पेरेटरी विभाग के सभी 140 बेड भरे हैं। शताब्दी फेज-2 में पल्मोनरी क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के 90 प्रतिशत बेड भरे हैं। विभाग के सभी वेंटिलेटर पर सांस के गंभीर मरीज भर्ती हैं। ट्रॉमा सेंटर में 30 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। सिविल, बलरामपुर, लोहिया अस्पताल के सांस रोग विभाग के वार्ड के सभी बेड भरे हैं।

ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे के भीतर करीब 70 से ज्यादा मरीजों को भर्ती किया गया। इनमें 32 मरीजों को ऑक्सीजन के सहारे सांसे दी जा रही हैं। मरीजों का दबाव बढ़ा है। रात में तो स्ट्रेचर तक पर मरीजों की भर्ती करनी पड़ रही है। 
-डॉ. सुरेश कुमार, प्रभारी, ट्रॉमा सेंटर

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बरतें सावधानी-

घर के बाहर, यातायात वाले इलाके में कसरत व टहलने से बचें
चूल्हे आदि में खाना न बनाएं
घर या उसके आस-पास कूड़ा न जलाएं
घर या दुकान के आसपास पानी का छिड़काव करें
हरी सब्जी व फल फायदेमंद
प्रदूषण फैलाने वाले वाहन का इस्तेमाल न करें
पैदल चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें
बीड़ी, सिगरेट का प्रयोग न करें।

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