अक्लमंद की पहचान....

अक्लमंद की पहचान....

अक्लमंद की पहचान....

Posted by: Firsteye Desk, Updated: 05/11/19 12:38:16pm


सुभाष बुड़ावनवाला
जफर सादिक एक महान संत थे। एक बार उनके पास कुछ लोग विचार-विमर्श कर रहे थे। विमर्श में यह प्रश्न उठा कि अक्लमंद की सही पहचान क्या है? किसी ने कहा-जो सोच-समझकर बोले, वह अक्लमंद है। संत सादिक बोले, 'हर व्यक्ति सोच-समझकर ही बोलना चाहता है, मगर ऐसा हमेशा नहीं होता। ऐसे में उन सभी को अक्लमंद नहीं कहा जा सकता।

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 तभी उनमें से एक बोला, 'जो नेकी और बदी में फर्क कर सके, वही अक्लमंद है। संत सादिक बोले, 'नेकी और बदी का फर्क इनसान ही नहीं, जानवर तक समझते हैं। तभी तो जो उनकी सेवा करते हैं, वे उन्हें न काटते हैं और न ही नुकसान पहुंचाते हैं। इस पर एक व्यक्ति बोला, 'हुजूर, अब आप ही अक्लमंद व्यक्ति की पहचान बताइए।

 

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 संत बोले, 'अक्लमंद वह है जो दो अच्छी बातों में यह जान सके कि ज्यादा अच्छी बात कौन-सी है और दो बुरी बातों में यह जान सके कि ज्यादा बुरी बात कौन-सी है। यदि उसे अच्छी बात बोलनी हो तो वह बात बोले जो ज्यादा अच्छी हो और यदि बुरी बात बोलने की लाचारी पैदा हो जाए तो वह बोले जो कम बुरी हो!

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