शिवसेना को सता रहा, अपने विधायकों के टूटने का डर

शिवसेना को सता रहा, अपने विधायकों के टूटने का डर

शिवसेना को सता रहा, अपने विधायकों के टूटने का डर

Posted by: , Updated: 07/11/19 01:42:43pm


मुंबई।महाराष्ट्र में पिछले महीने 21 अक्टूबर के  हुए विधानसभा चुनावों में 105 सीटें जीतकर भाजपा अकेली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। तो वही  शिवसेना को 288 सदस्यीय विधानसभा में 56 सीटें मिली हैं। 24 अक्टूबर को मतदान के परिणाम घोषित होने के बाद से दस दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार बनने में देरी हो रही है क्योंकि भाजपा-शिवसेना में अभी भी मतभेद कम नहीं हुए हैं। शिवसेना का दावा है कि उसने 50-50 फार्मूले पर सहमति के बाद ही भाजपा से गठबंधन किया था ।

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जबकि भाजपा इससे इन्कार कर रही हैं।वही  मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच खींचतान जारी है। खबर सामने आ रही है, की शिवसेना अपने विधायकों को टूटने के डर से किसी गुप्त रिसॉर्ट में ले जा रही है। लेकिन पार्टी के नेता संजय राउत ने इसका खंडन किया है। उन्होंने कहा की  पार्टी के विधायक दृढ़ संकल्प हैं और पार्टी के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस लिए ऐसा करने की जरुरत नहीं है। जो लोग इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं उन्हें पहले अपने विधायकों की चिंता करनी चाहिए। राज्य में शिवसेना का ही मुख्यमंत्री होगा।

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