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हिंदू–मुस्लिम शादी पर रोक की मांग तेज, साध्वी ब्रज किशोरी का वीडियो चर्चा में

आगरा:  योगी यूथ ब्रिगेड की प्रदेश प्रवक्ता साध्वी ब्रज किशोरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के के बीच विवाह पर रोक लगाने की मांग करते हुए केंद्र सरकार से सख्त कानून बनाने की अपील की है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
साध्वी ब्रज किशोरी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि देश में “लव जिहाद” और धर्मांतरण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उनका दावा है कि हिंदू समाज की बहन-बेटियां इस प्रकार के मामलों का शिकार हो रही हैं, जिसे रोकने के लिए कठोर कानूनी प्रावधान आवश्यक हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए, जिससे हिंदू लड़कियों और मुस्लिम लड़कों के बीच विवाह को अवैध घोषित किया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो इसके सामाजिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं। साध्वी ब्रज किशोरी ने सरकार से मांग की कि “लव जिहाद” और जबरन धर्मांतरण के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।
अपने बयान में उन्होंने एक कथित उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि “मोनालिसा” नाम की एक युवती भी “लव जिहाद” का शिकार हुई है। हालांकि, इस मामले की आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठित समूह योजनाबद्ध तरीके से हिंदू लड़कियों को निशाना बना रहे हैं, जिसे रोकना जरूरी है।
साध्वी ब्रज किशोरी ने हिंदू समाज की लड़कियों से भी अपील की कि वे अपने धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि “हिंदू बेटियों को अपने धर्म शास्त्रों और ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए, तभी वे इस प्रकार के जाल से बच सकती हैं।”
गौरतलब है कि इससे पहले योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को खून से पत्र लिखकर संसद में कानून बनाने की मांग की थी, जिससे “लव जिहाद” और अंतरधार्मिक विवाह के मामलों पर रोक लगाई जा सके।
कानूनी परिप्रेक्ष्य
वर्तमान में भारत में अंतरधार्मिक विवाह पूरी तरह वैध है और इसे Special Marriage Act, 1954 के तहत कानूनी मान्यता प्राप्त है। यह कानून बालिग महिला और पुरुष को अपनी इच्छा से विवाह करने का अधिकार देता है, चाहे वे अलग-अलग धर्मों से ही क्यों न हों।
हालांकि, कुछ राज्यों में धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून बनाए गए हैं, जिनमें जबरन, धोखे से या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना अपराध माना गया है। ऐसे मामलों में जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाती है।
बढ़ती बहस और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस तरह के बयानों के बाद समाज और राजनीति में बहस तेज हो जाती है। एक ओर जहां कुछ संगठन “लव जिहाद” के खिलाफ कड़े कानून की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई सामाजिक और कानूनी विशेषज्ञ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हैं।
फिलहाल, साध्वी ब्रज किशोरी का यह बयान चर्चा का विषय बना हुआ है और इस पर अलग-अलग वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले समय में यह देखना होगा कि इस मुद्दे पर सरकार या प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं।
रिपोर्ट: ममता भारद्वाज, आगरा
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