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ट्रंप सरकार में शामिल होने वाली तुलसी गबार्ड का पुराना बयान चर्चा में

अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप ने तुलसी गबार्ड को नेशनल इंटेलिजेंस का डायरेक्टर बनाया है. इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.हालांकि, सबसे अधिक चर्चा तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के प्रति तुलसी गबार्ड के रुख की हो रही है.

तुर्की नेटो का सदस्य देश है लेकिन तुलसी गबार्ड रेचप तैय्यप अर्दोआन की मुखर आलोचक रही हैं.अब ‘एक्स’ पर यूज़र्स अर्दोआन पर दिए गबार्ड के पुराने बयानों को दोबारा पोस्ट कर रहे हैं.अपने एक पुराने ‘एक्स’ पोस्ट में तुलसी गबार्ड ने अर्दोआन पर आईएसआईएस और अलक़ायदा की सहायता करने का आरोप लगाया था.

खुद को पत्रकार बताने वाले एक्स यूज़र रागिप सैयलू ने गबार्ड की नियुक्ति पर तंज़ करते हुए लिखा, “तुर्की के लिए एक और अच्छी ख़बर. ट्रंप ने तुलसी गबार्ड को नेशनल इंटेलिजेंस का डायरेक्टर नियुक्त किया है. वे यह मानती हैं कि अर्दोआन आईएसआईएस का समर्थन करते हैं.”

वहीं पेशे से खुद को अर्थशास्त्री बताने वाले हैरिस समारास ने गबार्ड का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, “ना ही तुर्की और ना ही अर्दोआन अमेरिका के दोस्त हैं.”तुलसी गबार्ड ने 2020 में ही कहा था, “कई सालों से पर्दे के पीछे से आईएसआईएस और अल-क़ायदा के आतंकियों का समर्थन करने वाले अर्दोआन अमेरिका के दोस्त नहीं हैं. वह दुनिया के सबसे ख़तरनाक तानाशाह हैं.”

पत्रकार जोएस कारम ने गबार्ड लेकर दावा किया कि वह बशर अल असद और व्लादिमीर पुतिन के प्रति मित्रवत हैं, इसराइल के साथ हैं, अर्दोआन के ख़िलाफ़ हैं, सऊदी अरब की आलोचक हैं और फ़लस्तीनी प्रदर्शनकारियों को हमास की कठपुतली मानती हैं.

उद्यमी मारिओस करात्ज़ियास ने अपने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “मैं तुलसी गबार्ड को पसंद करता हूं. वह राष्ट्रभक्त, बहादुर और दुनिया ख़ास तौर पर अर्दोआन को लेकर स्पष्ट विचार रखती हैं.”

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