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प्रेमानंद महाराज के रात्रि दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया, जानें वजह

वृंदावन में महाराज प्रेमानंद महाराज की 2 बजे वाली पदयात्रा को रोक दिया गया है. प्रेमानंद महाराज हर रात 2 बजे श्रीकृष्ण शरणम् आश्रम से रमणरेती के श्री राधा केलिकुंज तक परिक्रमा करते थे. हालांकि अब इसे अनिश्चित काल के लिए रोक दिया गया है. हित राधा केलि कुंज पर्रिकर की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक उनका स्वास्थ्य ठीक न रहने की वजह से फैसला लिया गया है.

प्रेमानंद महाराज के शिष्यों के मुताबिक, रात्रि दर्शन और पदयात्रा के दौरान तेज म्यूजिक बजाने और ध्वनि प्रदूषण न झेलना पड़े इसलिए प्रेमानंद महाराज ने रात्रि दर्शन का कार्यक्रम ही बंद करने का फैसला लिया है. संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा के दौरान देर रात भक्तों को दर्शन नहीं देने की बात सामने आई तो सभी भक्त भावुक हो गए.

प्रेमानंद महाराज आज वो सुबह 4 बजे कार से आए और उन्होंने उतरकर भक्तों से मुलाकात की . भक्तों से मुलाकात के बाद वो पैदल चलकर वृंदावन की ओर चले गए. प्रेमानंद महाराज अपने आवास से निकले तो भक्तों ने गुब्बारे उड़ाना, आतिशबाजी करना शुरू कर दिया. पदयात्रा के दौरान प्रेमानंद महाराज के स्वागत में लोग ढोल-नगाड़े और म्यूजिक सिस्टम आने से पहले ही बजाना शुरू कर देते हैं. ऐसे में स्थानीय लोगों को दिक्कत हो रही थी, जिसका विरोध भी हुआ था.

पदयात्रा बंद करने की वजह

लोगों को होने वाली दिक्कतें भी पदयात्रा को बंद करने की वजह हो सकती है. एनआरआई ग्रीन्स सोसाइटी ने इसको लेकर विरोध जताया था. एनआईआई ग्रीन सोसायटी की महिलाओं ने हाथ में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया था. महिलाओं का कहना था कि ज्यादा शोर के चलते सोना मुश्किल होता है.

संत प्रेमानंद महाराज के पदयात्रा दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते थे और रात भर सड़क के किनारे खड़े होकर ब्रह्म मुहूर्त से पहले प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा के दर्शन करने के लिए इंतजार करते थे. मार्ग पर यात्रा से पहले ही श्रद्धालुओं का रेला जमा हो जाता है. श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी होती है कि पदयात्रा मार्ग के दोनों ओर रस्सी की बैरिकेडिंग करनी पड़ती है.

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