उत्तर प्रदेश के लखनऊ पारा में बुद्धेश्वर एमएम लॉन में चल शादी समारोह में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अचानक एक तेंदुआ लॉन के अंदर घुस गया. तेंदुए को देखते ही वहां मौजूद लोगों में चीख पुकार मच गई और वो अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और लॉन से भागकर सड़क पर पहुंच गए. घटना के बाद मौके पर पुलिस एवं प्रशासन की टीम पहुंच गई. हालांकि वो अभी तक पकड़ में नहीं आया है. वहीं इस घटना पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तंज कसा है.
बताया जा रहा है कि बुधवार को लखनऊ के बुद्धेश्वर एमएम लॉन शादी समारोह चल रहा था, तभी रात क़रीब साढ़े दस बजे एक तेंदुआ शादी समारोह में घुस गया, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई. इस जगह के कई वीडियो भी सामने आए हैं जिसमें तेंदुआ लॉन के पहली और दूसरी मंजिल पर घूमता हुआ दिखाई दे रहा है. तेंदुए की ख़बर मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई जिसके बाद उसे पकड़ने की कोशिश की गई.
इस दौरान मौके पर मौजूद वन दारोगा मुकद्दर अली पर तेंदुए ने हमला कर दिया, वो मैरिज लॉन में बने कमरों की छत पर उसे सर्च करने गए थे तभी तेंदुएं ने उन पर हमला कर दिया. उन्होंने बड़ी मुश्किल से तेंदुए के पंजे से खुद को छुड़ाया. इस हमले में वो घायल हो गए हैं. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मौके पर थाना पारा की फोर्स व वन विभाग की टीम मौजूद हैं. वन विभाग की टीम उसे ड्रोन से तलाश करने की कोशिश कर रही है लेकिन अभी तक उसे पकड़ने में कामयाबी नहीं मिल पाई है.
वहीं इस घटना पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तंज कसा है. सपा अध्यक्ष ने कहा- ‘उप्र की ‘जुमलाजीवी’ भाजपा सरकार अभी छुट्टा पशुओं की समस्या का ही समाधान ढूँढ नहीं पाई थी कि उसके सामने अब एक और चुनौती आ गई है और वो है प्रदेश की राजधानी में ‘तेंदुए’ का हमला.
लखनऊ में एक शादी समारोह में तेंदुए के प्रवेश का समाचार चिंताजनक है. भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का एक रूप ये भी है कि जंगलों में इंसानों का अतिक्रमण बढ़ता ही जा रहा है, ऐसे में हिंसक जंगली जानवर भोजन की तलाश में जंगलों से निकलकर शहरों की तरफ़ आने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे आम जनमानस का जीवन ख़तरे में पड़ गया है.
कोई कार्रवाई होगी या सरकार ये कहकर इस घटना पर पर्दा डाल देगी कि वो तेंदुआ नहीं ‘ओवरसाइज बिल्ला’ था या फिर हो सकता है तेंदुए का नाम बदलकर ‘बड़ा बिल्ला’ रखकर मामला रफ़ा-दफ़ा कर दिया जाए.’
