उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में एक अजीबो-गरीब घटना घटी, जब कुछ स्थानीय लोगों ने वैलेंटाइन डे के विरोध में “लठ्ठ पूजन” किया। इन लोगों ने लठ्ठ (लाठी) को पूजा और सम्मान देते हुए उसे Valentine’s Day के खिलाफ एक प्रतीक के रूप में पेश किया। उनका मानना था कि यह पश्चिमी संस्कृति का अंश है, जिसे भारतीय समाज में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
लठ्ठ पूजन का उद्देश्य समाज में भारतीय परंपराओं और संस्कृति की अहमियत को बढ़ावा देना था और यह संदेश देना था कि वैलेंटाइन डे जैसे पश्चिमी त्योहारों से परहेज करना चाहिए। इस घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि शांति बनी रहे और किसी प्रकार का विवाद न हो।
कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने नया नारा दिया
कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने एक नया नारा भी दिया- “जहां मिलेंगे बाबू सोना, तोड़ देंगे शरीर का कोना-कोना.” मधुरामा वशिष्ठ, सहसंयोजक हिंदू जागरण मंच ने कहा कि “हमारी संस्कृति पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, जिन्हें सहन नहीं किया जाएगा. वैलेंटाइन डे जैसे पश्चिमी पर्व भारतीय मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं.”
यह कदम उस क्षेत्र में विशेष रूप से चर्चा का विषय बन गया है, जहां कुछ संगठनों ने ऐसे पश्चिमी त्योहारों का विरोध किया है, जो उनके अनुसार भारतीय संस्कृति से मेल नहीं खाते।
