लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज के दिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि संविधान के रास्ते पर चलकर देश को मजबूत बनाया जाए।
गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई पर चिंता
अखिलेश यादव ने कहा कि देश में तरक्की और खुशहाली की बातें की जा रही हैं, लेकिन वास्तविकता में गरीबी, बेरोजगारी, किसान समस्याएं और महंगाई गंभीर रूप से मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, “सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था नहीं है। बेरोजगारी इतनी बढ़ गई है कि कितनी भी डिग्री हो, नौकरी नहीं मिल रही। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा अब भी पूरा नहीं हुआ।”
अंतरराष्ट्रीय हालात और आर्थिक नीतियों पर टिप्पणी
सपा नेता ने अंतरराष्ट्रीय मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया में हालात ऐसे हैं कि एक देश का राष्ट्रपति दूसरे देश के राष्ट्रपति को अपहरण कर सकता है, और चार साल से युद्ध चल रहा है।
वहीं, आर्थिक नीतियों पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब अर्थव्यवस्था की चर्चा होती है तो प्रदूषण का मुद्दा सामने आता है। पानी में यूरेनियम, आर्सेनिक और मरकरी जैसी जहरीली चीजें हैं, निजी कंपनियों को पता है, लेकिन सरकार को नहीं। भारत को ‘सोने की चिड़िया’ बनाने का विज्ञापन दिया जा रहा है, लेकिन सोने की कीमत सब जानते हैं।”
धार्मिक-सांस्कृतिक मामलों में सरकार पर आरोप
अखिलेश यादव ने सरकार पर धार्मिक और पौराणिक धरोहरों को संकट में डालने का आरोप लगाया और कहा, “जहां संरक्षण होना चाहिए वहां बुलडोजर चलाया जा रहा है। विदेशी कंपनियां ‘आत्मनिर्भर भारत’ के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही हैं।”
वोट और नागरिकता पर चेतावनी
सपा प्रमुख ने वोट के अधिकार और नागरिकता से जुड़े मुद्दे पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “जो लोग हारने लगे हैं, वे अब एसआईआर के नाम पर एनआरसी लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। वोट कटने का मतलब नागरिकता पर सवाल खड़ा होना है। संविधान कहता है कि हर नागरिक को वोट का अधिकार है। जनता को सतर्क रहने की जरूरत है।”
