महाराष्ट्र की राजनीति इस समय एक अभूतपूर्व और संवेदनशील दौर से गुजर रही है। हाल ही में बारामती में हुए विमान हादसे में वरिष्ठ एनसीपी नेता और राज्य की राजनीति के कद्दावर चेहरा अजित पवार का निधन हो गया। इस दुखद घटना ने न केवल पवार परिवार, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति को गहरा झटका दिया है।
हादसा बारामती क्षेत्र में हुआ, जहां तकनीकी खराबी और खराब मौसम को दुर्घटना का संभावित कारण बताया जा रहा है। दुर्घटना के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन अजित पवार को बचाया नहीं जा सका।
सत्ता के शीर्ष पर बड़ा बदलाव
अजित पवार के निधन के बाद राजनीतिक समीकरणों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है।
पार्टी और गठबंधन सूत्रों के अनुसार, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का नया उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला लिया गया है।
इसी के साथ जनता के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि—
सुनेत्रा पवार कितनी पढ़ी-लिखी हैं? उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक तैयारी क्या है?
शिक्षा: कॉमर्स बैकग्राउंड से आईं राजनीति में
शिक्षा के लिहाज से सुनेत्रा पवार को एक पढ़ी-लिखी और प्रशिक्षित नेता माना जाता है।
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📘 अप्रैल 1983 में
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी से
B.Com (कॉमर्स) की पढ़ाई पूरी की -
🎓 इसके बाद
एस.बी. आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज, औरंगाबाद से
पोस्ट-ग्रेजुएशन किया
कॉमर्स और प्रबंधन से जुड़ी शिक्षा ने उन्हें
आर्थिक नीतियों, प्रशासन और गवर्नेंस की मजबूत समझ दी है।
पर्यावरण और सामाजिक कार्यों से गहरा जुड़ाव
राजनीति के साथ-साथ सुनेत्रा पवार का नाम पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कार्यों से भी जुड़ा रहा है।
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उन्होंने Environmental Forum of India की स्थापना की
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यह संगठन
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सस्टेनेबिलिटी
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जल संरक्षण
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ग्रामीण विकास
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जैसे मुद्दों पर काम करता है।
पर्यावरण को लेकर उनका फोकस लंबे समय से चर्चा में रहा है।
परिवार, राजनीति में प्रवेश और सफर
सुनेत्रा पवार का जन्म 18 अक्टूबर 1963 को महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में हुआ था।
वह एनसीपी के वरिष्ठ नेता पद्मसिंह पाटिल की बेटी हैं।
उन्होंने कई बार बताया है कि उनके पिता—
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एक अनुभवी राजनेता
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स्वतंत्रता सेनानी
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और गांव के पाटिल के रूप में सामाजिक जिम्मेदारियां निभाने वाले व्यक्ति थे
यही संस्कार उनके सार्वजनिक जीवन की नींव बने।
2024 लोकसभा चुनाव और राज्यसभा तक का सफर
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🗳️ 2024 लोकसभा चुनाव में
सुनेत्रा पवार ने बारामती सीट से
अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा -
चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा
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इसके बाद एनसीपी ने उन्हें राज्यसभा भेजा
वर्तमान में वह राज्यसभा सांसद हैं और संसद में
सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा रही हैं।
अजित पवार के असामयिक निधन के बाद सुनेत्रा पवार का नाम महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र में आ गया है।
शिक्षा, सामाजिक कार्य, संसदीय अनुभव और राजनीतिक विरासत—इन सभी कारणों से उन्हें एक गंभीर और सक्षम नेतृत्व विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
यदि उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति मेंएक ऐतिहासिक और भावनात्मक बदलाव माना जाएगा।
