नई दिल्ली: मणिपुर में सरकार गठन की संभावनाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) की गतिविधियां तेज हो गई हैं। थोड़ी देर में मणिपुर के बीजेपी विधायकों की अहम बैठक पार्टी मुख्यालय में शुरू होने वाली है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी महासचिवों के बीच बैठक हो रही है।
अमित शाह विस्तार कार्यालय पहुंच चुके हैं। बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल मौजूद हैं। इसके बाद मणिपुर के विधायक बैठक स्थल पर पहुंचेंगे।
विधायक दल नेता के चुनाव के संकेत
इससे पहले बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने मणिपुर भाजपा विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। पार्टी का यह कदम राज्य में सरकार गठन की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब मणिपुर से एनडीए के विधायक केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर दिल्ली पहुंचे हैं।
राष्ट्रपति शासन की मियाद होने वाली है खत्म
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया मणिपुर में सरकार गठन को लेकर चर्चा के लिए शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन की अवधि अगले सप्ताह समाप्त हो रही है।
गौरतलब है कि मणिपुर में 13 फरवरी 2025 को मेइती और कुकी समुदायों के बीच लंबे समय तक चली जातीय हिंसा के बाद छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जिसे अगस्त 2025 में फिर छह महीने के लिए बढ़ाया गया।
2027 तक है विधानसभा का कार्यकाल
मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, लेकिन फिलहाल इसे निलंबित रखा गया है। ऐसे में मंगलवार को हो रही बीजेपी विधायक दल की बैठक को राजनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, मणिपुर के करीब 20 विधायक रविवार रात दिल्ली पहुंचे, जबकि शेष विधायक सोमवार को केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राजधानी पहुंचे।
मणिपुर के हालात पर मंथन
दिल्ली पहुंचे नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, सत्यब्रता सिंह, पूर्व मंत्री वाई खेमचंद सिंह और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले कुछ महीनों में
-
मेइती और कुकी समुदाय के विधायकों
-
सहयोगी दल एनपीएफ और एनपीपी
-
कुछ निर्दलीय विधायकों
के साथ अलग-अलग स्तर पर बैठकें की हैं, ताकि यह आकलन किया जा सके कि मणिपुर में सरकार गठन के लिए माहौल अनुकूल है या नहीं।
