लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हों, लेकिन सियासी सरगर्मी तेज़ होती जा रही है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर बीजेपी को घेरा।
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें जो जानकारियां मिल रही हैं, उसके मुताबिक फॉर्म-7 के जरिए बड़े पैमाने पर धांधली की तैयारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले से जुड़े सबूत उनके पास मौजूद हैं।
‘अब तक जमा सभी फॉर्म-7 रद्द हों’
सपा प्रमुख ने मांग की कि
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हर फॉर्म पर यूनिक नंबरिंग हो
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अब तक जमा सभी फॉर्म-7 रद्द किए जाएं
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भरे गए फॉर्मों की पूरी जांच कराई जाए
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में AI तकनीक का इस्तेमाल किया जाए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
‘फॉर्म-7 पर ECI का होलोग्राम जरूरी’
अखिलेश यादव ने कहा कि कागजी और डाउनलोडेड फॉर्म की वजह से गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि
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फॉर्म-7 पर चुनाव आयोग (ECI) का होलोग्राम हो
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फॉर्म जमा करने के समय की CCTV फुटेज सुरक्षित रखी जाए
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दोषियों पर FIR, राज्य के खिलाफ साजिश और धारा 420 के तहत केस दर्ज हो
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हस्ताक्षरों की न्यायिक जांच कराई जाए
‘मुस्लिम और PDA वोटरों को टारगेट किया जा रहा’
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मुस्लिम और PDA वर्ग के मतदाताओं के वोट जानबूझकर कटवाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि
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सीतापुर सहित कई जिलों से शिकायतें आई हैं
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जिन लोगों को दस्तख़त करना नहीं आता, उनके नाम पर भी फॉर्म-7 भर दिए गए
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जिन सीटों पर बीजेपी हारी है, वहां यह प्रक्रिया ज्यादा तेज़ है
उन्होंने दावा किया कि कन्नौज में करीब 1200 वोट काटे जा चुके हैं।
‘एक करोड़ वोट काटने की तैयारी’
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में टारगेटेड तरीके से वोट कटवाने की योजना चल रही है।
उन्होंने कहा कि
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हर विधानसभा में 6 हजार से 32,500 वोट काटने का टारगेट है
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बछरावां में 32 हजार
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लखनऊ सेंट्रल में 30 हजार वोट काटने की योजना है
अखिलेश ने दावा किया कि इसके लिए पेन ड्राइव तैयार की गई हैं, जिनसे प्रिंट निकालकर फॉर्म-7 जमा कराए जा रहे हैं।
‘लोकतंत्र में वोट सबसे बड़ा अधिकार’
अखिलेश यादव ने कहा कि वोट लोकतंत्र की आत्मा है और इस तरह की कथित धांधली राजनीतिक भ्रष्टाचार है। उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए आरोप लगाया कि आयोग बीजेपी के साथ मिलकर PDA और अल्पसंख्यक वोटरों के नाम हटाने का फैसला कर रहा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा, तो चुनाव आयोग को अपनी इमारत पर बीजेपी का झंडा लगा लेना चाहिए।
