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SIR पर ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर हमला, बोलीं– ‘जिंदा लोगों को मृत बताया जा रहा’

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर ममता अपने साथ कुछ लोगों को लेकर मीडिया के सामने आईं और कहा कि उनके पीछे बैठे लोग एसआईआर के पीड़ित हैं।

ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने एसआईआर के मुद्दे पर चुनाव आयोग को छह पत्र लिखे, लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं मिला। टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल भी चुनाव आयोग से मिला, इसके बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है

‘चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों?’

सीएम ममता ने कहा कि वर्ष 2002 में बंगाल में एसआईआर कराया गया था, लेकिन अब चुनाव से ठीक पहले दोबारा यह प्रक्रिया क्यों शुरू की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे विपक्ष शासित राज्यों में ही एसआईआर क्यों किया जा रहा है, जबकि असम या पूर्वोत्तर राज्यों में ऐसा नहीं हो रहा

उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान कई जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ लोगों से हाथ उठवाकर दिखाया और कहा कि ये लोग जीवित हैं, लेकिन रिकॉर्ड में मृत बताए गए हैं।

‘बीजेपी से जुड़े अधिकारी बनाए गए ऑब्जर्वर’

ममता बनर्जी ने दावा किया कि बंगाल में अवैध तरीके से इलेक्टोरल ऑब्जर्वर और माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए, जिनका संबंध बीजेपी से है। उन्होंने कहा कि बदले की भावना से लोगों को सूची से बाहर किया जा रहा है

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जिन बीएलओ कर्मियों की मौत हुई, उनके परिजनों को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल किया गया और उनसे हाथ उठवाकर अपनी बात रखी।

अमर्त्य सेन और अन्य को नोटिस का मुद्दा

सीएम ममता ने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को उनके माता-पिता की उम्र में अंतर को लेकर नोटिस भेजा गया है। प्रसिद्ध कवि जय गोस्वामी को भी नोटिस दिया गया। वहीं, सेवानिवृत्त आईटी अधिकारी सीमा खन्ना ने बिना किसी सिफारिश के अपना नाम मतदाता सूची से वापस लेने की बात कही है।

‘मामला अदालत में, इसलिए ज्यादा नहीं बोलूंगी’

ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर से जुड़ा मामला इस समय अदालत में विचाराधीन है और सुनवाई की तारीख भी तय हो चुकी है। इसी वजह से वह इस विषय पर और अधिक टिप्पणी नहीं करेंगी।

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