नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का सातवां दिन शुक्रवार को अनोखे रूप में याद रखा जाएगा। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच ध्वनिमत से पास कर दिया गया। यह लगभग 22 सालों में पहली बार हुआ कि प्रधानमंत्री का भाषण दिए बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ।
पीएम मोदी का भाषण न देने का कारण
संसद सचिवालय सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस द्वारा पीएम मोदी पर शारीरिक हमला करने की योजना बनाई गई थी। इसके चलते प्रधानमंत्री ने लोकसभा में भाषण देने से परहेज किया। महिला सांसदों को एहतियात के तौर पर पीएम के सामने ढाल के रूप में तैनात किया गया।
सचिवालय ने बताया कि पीएम मोदी भाषण देने के लिए पूरी तरह तैयार थे। हालांकि विपक्ष की ओर से लगातार हंगामा और विरोध के कारण सुरक्षा और व्यवधान की दृष्टि से सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
विपक्ष के रवैये पर चिंता
लोकसभा सचिवालय ने कहा कि कांग्रेस नेताओं से कई बार संवाद और समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके अड़ियल रवैये के कारण स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी। इसलिए, पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात नहीं रखी।
