RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और टैरिफ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि भारत दुनिया से अलग-थलग नहीं रह सकता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय व्यापार अपनी शर्तों पर ही करेगा, किसी दबाव में नहीं।
टैरिफ देखकर नहीं होंगे फैसले: मोहन भागवत
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में शनिवार 7 फरवरी 2026 को संघ यात्रा के 100 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा—“हम दुनिया से लेन-देन करेंगे, लेकिन अपनी मर्जी से करेंगे। न किसी दबाव में आएंगे और न ही सिर्फ टैरिफ देखकर फैसले लेंगे।”उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत जो भी खरीदेगा, वह देश की आर्थिक मजबूती को ध्यान में रखकर होगा।
स्वदेशी पर ज़ोर, मजबूरी में ही विदेशी विकल्प
संघ प्रमुख ने कहा कि स्वदेशी अपनाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा—“जहां देश में विकल्प उपलब्ध हैं, वहां विदेशी वस्तुओं को अपनाने की कोई ज़रूरत नहीं। लेकिन जहां कोई विकल्प नहीं है और विदेश के अलावा कोई रास्ता नहीं, वहां विदेशी उत्पाद लिए जा सकते हैं।”
अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति धीरे-धीरे बदलेगी
ट्रेड पॉलिसी को लेकर मोहन भागवत ने कहा कि नीति के स्तर पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार ज़रूरी है, लेकिन इसमें बदलाव धीमी और संतुलित प्रक्रिया से होगा।“नीति अपनी गति से बदलती है और आगे बढ़ेगी, लेकिन अपने घर के स्तर पर हम स्वदेशी को लागू करेंगे।”
“विश्व गुरु भाषणों से नहीं, उदाहरणों से बनेंगे”
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ बातों से नहीं बल्कि व्यवहार और उदाहरणों से विश्व गुरु बनेगा।“अगर आप भारतीय हैं, तो यह हुनर आपको विरासत में मिला है।”
