अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे ‘विदाई बजट’ करार दिया और कहा कि बजट में केवल आंकड़े बढ़ाए गए हैं, लेकिन वास्तविक विकास और खर्च का कोई पता नहीं है।
मुख्य बिंदु:
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बजट बड़ा, खर्च कम: बजट का आकार बढ़ा है, लेकिन इसे लागू करने में सरकार असफल रही। अखिलेश यादव ने कहा कि इससे सरकार की अक्षमता स्पष्ट होती है।
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अर्थव्यवस्था और निवेश पर सवाल: उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी और ग्रोथ रेट सरकार के दावों के अनुरूप नहीं हैं। कृषि और एमएसएमई सेक्टर को पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं मिला, जबकि निवेश केवल 4,000 करोड़ रुपये ही आया।
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राशन पाने वालों की आय पर सवाल: उन्होंने पूछा कि जिन लोगों को राशन दिया जा रहा है, उनकी वास्तविक आय कितनी है।
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युवाओं के रोजगार में विफलता: एमएसएमई सेक्टर में लगभग 82 लाख इकाइयां पंजीकृत नहीं हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने में सरकार पूरी तरह विफल रही।
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स्वास्थ्य और दवा घोटाले: कई जिलों में गलत दवाइयां दी जा रही हैं और स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार बढ़ा है।
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कानून-व्यवस्था और सुरक्षा: उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस व्यवस्था कमजोर है और संगठित अपराध पर नियंत्रण नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार विकसित भारत का सपना दिखा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बहुत अलग है। उनका दावा है कि यह बजट सरकार की विदाई तय करेगा।
