बदलापुर (महाराष्ट्र)। बदलापुर इलाके में अवैध तरीके से महिलाओं को प्रजनन प्रक्रिया से जोड़कर उनके जैविक नमूनों की कथित बिक्री का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में बदलापुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में तीन महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
घर से चल रहा था अवैध नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सुलक्षणा जयवंत गाडेकर अपने घर से ही कथित तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को पैसों का लालच देकर अवैध प्रजनन प्रक्रियाओं में शामिल कर रही थी। जांच में सामने आया है कि बिना डॉक्टर की वैध सलाह और कानूनी अनुमति के सोनोग्राफी कराई जाती थी और हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते थे।
आरोप है कि इसके बाद महिलाओं को आईवीएफ/एआरटी सेंटर भेजा जाता था, जहां उनसे संबंधित चिकित्सकीय प्रक्रियाएं कराई जाती थीं। पूरे मामले में महिलाओं के शारीरिक और आर्थिक शोषण की आशंका जताई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया खुलासा
डॉ. ज्योत्सना सावंत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपजिला अस्पताल बदलापुर की टीम ने छापेमारी कर इस नेटवर्क का खुलासा किया। उनके शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
मोबाइल फोन से मिले अहम सबूत
प्रारंभिक जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से कई चौंकाने वाले दस्तावेज बरामद हुए हैं। इनमें हार्मोनल इंजेक्शन की तस्वीरें, सोनोग्राफी रिपोर्ट, कथित फर्जी दस्तावेज, एफिडेविट और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
इस मामले में सुलक्षणा जयवंत गाडेकर के अलावा अश्विनी चाबुक्सवा और मंजूषा वानखड़े (दोनों उल्हासनगर निवासी) के खिलाफ भी मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
गहन जांच जारी
पुलिस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अवैध प्रजनन प्रक्रियाओं और महिलाओं के संभावित शोषण से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
