लखनऊ। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने गोरखपुर अधिवेशन में भावुक होने के बाद सोमवार को राजनीतिक सक्रियता दिखाते हुए राजधानी की कैबिनेट बैठक से दूरी बना ली और सीधे श्रृंग्वेरपुर धाम पहुंचकर धरने पर बैठ गए। उनके इस विरोध प्रदर्शन के चलते लखनऊ-प्रयागराज मार्ग पर यातायात बाधित हो गया, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया। इस दौरान मंत्री जीटी रोड (प्रयागराज-लखनऊ मार्ग) पर बैठकर विरोध जताते नजर आए और उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान श्रीराम और निषादराज की ऐतिहासिक मिलन स्थली पर अवैध कब्जा कर मस्जिद निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद का मुख्य विरोध श्रृंग्वेरपुर धाम के सामने चल रहे कथित मस्जिद निर्माण और मजार के विस्तार को लेकर है। उन्होंने कहा कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस पौराणिक स्थल पर नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं, लेकिन वर्तमान हालात में श्रद्धालुओं को पूजा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि अवैध निर्माण के कारण इस धार्मिक स्थल की पवित्रता और गरिमा प्रभावित हो रही है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
श्रृंग्वेरपुर धाम एक प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व का स्थल
इस पूरे मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री ने प्रयागराज के डीएम को पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि श्रृंग्वेरपुर धाम एक प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व का स्थल है, जहां पुरातत्व विभाग के नियमों के अनुसार 300 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार का निर्माण या अतिक्रमण पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्व इस प्रतिबंध को हटाने और निर्माण कार्य जारी रखने का प्रयास कर रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है।
प्रशासन को चेतावनी
निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. निषाद ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि 23 मार्च 2026 को महाराजा गुह्यराज निषाद जी की जयंती (चैत्र शुक्ल पंचमी) मनाई जाएगी, जिसके चलते देश-प्रदेश से हजारों श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यदि समय रहते अवैध कब्जा नहीं हटाया गया, तो श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच सकती है और किसी अप्रिय स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता। धरने के दौरान पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और हालात पर लगातार नजर बनाए रखी।
