लखनऊ: लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के माधव सभागार में आयोजित मृगनयनी मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा प्रदर्शनी में इन दिनों दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। पारंपरिक कला और आधुनिक फैशन के संगम ने इस प्रदर्शनी को खास बना दिया है।
प्रदर्शनी में रंग-बिरंगे एनामेल से सजी मीनाकारी ज्वेलरी महिलाओं को खासा आकर्षित कर रही है। बाजूबंद, झुमके, कंगन, पायल और लॉकेट जैसे आभूषण अपनी बारीक कारीगरी और शाही लुक के कारण लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
चंदेरी साड़ी बनी आकर्षण का केंद्र
बॉलीवुड अभिनेत्री Anushka Sharma से प्रेरित चंदेरी साड़ी प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनी हुई है। मध्यप्रदेश के Chanderi क्षेत्र की यह पारंपरिक साड़ी अपने हल्के, पारदर्शी कपड़े, गोल्डन ज़री बॉर्डर और बारीक बुटी डिजाइन के लिए जानी जाती है।
अशोक नगर से आए कारीगर आशाराम अहिरवार ने बताया कि इस साड़ी को तैयार करने में करीब 15 से 20 दिन का समय लगता है और इसकी कीमत लगभग 18 हजार रुपये है। इसके अलावा दो चश्मी साड़ी, जो अलग-अलग कोण से दो रंगों का आभास देती है, भी दर्शकों को खूब पसंद आ रही है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
प्रदर्शनी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। लवली घिड़ियाल के निर्देशन में आदि शक्ति नृत्य एकेडमी के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।
रोहानिका त्रिवेदी, अग्रिमा आनंद और आद्या त्रिवेदी ने “अच्युतम केशवम्” पर समूह नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि अग्रिमा आनंद ने “घर मोरे परदेशिया” पर एकल प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं।
🧵 ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना को बढ़ावा
प्रदर्शनी में ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के तहत मध्यप्रदेश की महिला कारीगर भी अपने उत्पाद लेकर पहुंची हैं। भोपाल से आई कारीगर अफरोज जहां जरी-जरदोजी के पर्स और बटुए प्रदर्शित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वे करीब 40 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ रही हैं।
🎯 पारंपरिक कला को मिल रहा नया मंच
यह प्रदर्शनी न केवल हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय कारीगरों को भी नया बाजार और पहचान दिला रही है। Anushka Sharma जैसे सेलिब्रिटी जब पारंपरिक परिधानों को अपनाते हैं, तो इससे भारतीय हैंडलूम उद्योग को भी मजबूती मिलती है।
📅 यह प्रदर्शनी 3 अप्रैल तक चलेगी, जहां कला, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
