उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शनिवार को ‘स्कूल चलो अभियान’ के शुभारंभ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र की पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया और निपुण विद्यालयों एवं विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने कड़ी मेहनत और समर्पण से ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षा सरकार की प्राथमिकता में नहीं थी और बच्चों के भविष्य को लेकर कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए।
सीएम योगी ने बताया कि वर्तमान सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के तहत पढ़ने वाले बच्चों को साल में दो यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर जैसी सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब एक बच्चा शिक्षित होता है, तो पूरा समाज सशक्त होता है और राष्ट्र विकास की दिशा में आगे बढ़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल डिग्री या प्रमाणपत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को संस्कारित करने और समाज के बेहतर भविष्य के निर्माण का आधार है। शिक्षकों को इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 2017 में किए गए सर्वे में पाया गया था कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण बच्चे पढ़ाई छोड़ देते थे। लेकिन अब प्रदेश के सभी स्कूलों में पेयजल, अलग-अलग शौचालय और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इसी का परिणाम है कि ड्रॉपआउट रेट 19 प्रतिशत से घटकर अब लगभग 3 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
