लखनऊ, 07 अप्रैल: Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के बस स्टेशनों के विकास के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी गई है। इस चरण में 49 बस स्टेशनों को सार्वजनिक निजी सहभागिता (PPP) के DBFOT मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
8 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
परिवहन मंत्री Dayashankar Singh के अनुसार, इन बस स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जहां यात्रियों को शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल, बेहतर वेटिंग एरिया और स्वच्छता जैसी सुविधाएं मिलेंगी। परियोजना को पूरा करने की समय सीमा 5 साल से बढ़ाकर 8 साल कर दी गई है।
निवेशकों के लिए आसान शर्तें
- तकनीकी योग्यता: 150% से घटाकर 100%
- नेट वर्थ: परियोजना लागत का 25%
- कंसोर्टियम सदस्य: 3 से बढ़ाकर 4
- कार्य शुरू करने की समय सीमा: 6 माह से बढ़ाकर 12 माह
निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 2.5 FAR और ग्राउंड कवरेज की निःशुल्क अनुमति भी दी जाएगी।
₹4000 करोड़ से अधिक निवेश की उम्मीद
इस परियोजना में ₹4000 करोड़ से अधिक निवेश आने का अनुमान है। पहले चरण में 23 बस स्टेशनों को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि दूसरे चरण के साथ कुल 52 जनपद इस योजना के दायरे में आ जाएंगे।
एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी
इन बस स्टेशनों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जहां वीआईपी लाउंज, रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, शॉपिंग मॉल और ठहरने की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कुल क्षेत्रफल का 55% हिस्सा सार्वजनिक सुविधाओं और 45% व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग होगा।
तीन नए बस स्टेशनों को भी मंजूरी
कैबिनेट ने सिकंदराराऊ (हाथरस), नरौरा (बुलंदशहर) और तुलसीपुर (बलरामपुर) में नए बस स्टेशनों के निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि हस्तांतरण को भी मंजूरी दी है।
यह परियोजना न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देगी, बल्कि शहरों में भीड़भाड़ कम करने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी
