परीक्षा का समय सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए तनाव भरा होता है। कई घरों में यह दौर उम्मीदों और दबाव के माहौल के साथ आता है। इसी को ध्यान में रखते हुए Nick India और अभिनेत्री अनन्या पांडे ने ‘सो पॉजीटिव’ पहल के तहत एक खास अभियान शुरू किया है, जिसका मकसद बच्चों और परिवारों को परीक्षा के तनाव को समझने और सरल तरीकों से कम करने के लिए प्रेरित करना है।
यह पहल ‘प्रेशर को बोलो बाय’ अभियान का हिस्सा है, जो अभिभावकों को बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी क्षमताओं को पहचानने और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए जागरूक करता है। साथ ही, ‘सो पॉजीटिव’ अभियान बच्चों और युवाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संवाद को बढ़ावा देने का काम कर रहा है, ताकि वे अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त कर सकें।
इस अभियान को ज़मीनी स्तर पर भी खास तरीके से प्रस्तुत किया गया। अनन्या पांडे ने बच्चों के साथ मिलकर एक अनोखी गतिविधि में हिस्सा लिया, जिसमें बच्चों ने गुब्बारों पर अपनी परीक्षा से जुड़ी चिंताओं को लिखा और फिर उन्हें फोड़कर तनाव से मुक्त होने का प्रतीकात्मक संदेश दिया। इस पहल के जरिए बच्चों के ‘अनदेखे दबाव’ को सामने लाने और उसे साझा करने का प्रयास किया गया।
इस मौके पर अनन्या पांडे ने कहा कि परीक्षा का दबाव हर छात्र महसूस करता है, लेकिन यह उसकी पहचान नहीं होता। उन्होंने सलाह दी कि तनाव के समय थोड़ा रुककर गहरी सांस लेना और खुद को याद दिलाना जरूरी है कि परीक्षा जीवन का एक छोटा हिस्सा है।
आज जब ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे कार्यक्रम इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठा रहे हैं, ऐसे में यह पहल सीधे बच्चों और उनके परिवारों तक पहुंचकर उन्हें आत्मविश्वास और सहजता के साथ परीक्षा का सामना करने के लिए प्रेरित कर रही है।
