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NCDRC का बड़ा फैसला: AT-1 बॉन्ड विवाद में HDFC बैंक को राहत, तीनों उपभोक्ता शिकायतें खारिज..

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (NCDRC), नई दिल्ली ने एक अहम फैसले में HDFC Bank के खिलाफ दायर तीन उपभोक्ता शिकायतों को खारिज कर दिया है। ये शिकायतें पंकज सिन्हा, नरेंद्र श्रीनाथ सिंगरू और आशुतोष तिवारी द्वारा दायर की गई थीं।

मामला Credit Suisse और Standard Chartered Bank द्वारा जारी अतिरिक्त टियर-1 (AT-1) परपेचुअल बॉन्ड में निवेश से जुड़ा था। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें उच्च जोखिम वाले बॉन्ड में सुरक्षित और सुनिश्चित रिटर्न का भरोसा देकर निवेश कराया गया और जोखिमों का पर्याप्त खुलासा नहीं किया गया।

हालांकि, HDFC बैंक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि बैंक केवल एक सुविधा प्रदाता था और निवेश का निर्णय पूरी तरह निवेशकों द्वारा स्वेच्छा से लिया गया था। बैंक ने यह भी बताया कि सभी दस्तावेजों में जोखिम का स्पष्ट उल्लेख किया गया था और निवेशकों ने समय-समय पर लाभ भी उठाया।

आयोग ने अपने फैसले में कहा कि यह लेनदेन लाभ कमाने के उद्देश्य से किया गया वाणिज्यिक निवेश था, इसलिए शिकायतकर्ता उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत “उपभोक्ता” की श्रेणी में नहीं आते।

साथ ही, आयोग ने यह भी माना कि कथित नुकसान वैश्विक स्तर पर Credit Suisse AT-1 bond write-down जैसे बाहरी बाजार घटनाक्रम के कारण हुआ, जो बैंक के नियंत्रण से बाहर था।

NCDRC ने यह भी टिप्पणी की कि शिकायतकर्ता वित्तीय रूप से सक्षम और अनुभवी निवेशक थे और उन्होंने अपने विवेक से निवेश किया था। संविदा की शर्तों के आधार पर यह मामला भारतीय न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में भी नहीं आता।

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने तीनों शिकायतों को प्रारंभिक चरण में ही खारिज कर दिया।

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