Homeउत्तर प्रदेशथारू जनजाति को मिला अधिकार संबल, जनकल्याण पर जोर

थारू जनजाति को मिला अधिकार संबल, जनकल्याण पर जोर

लखीमपुर खीरी।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और थारू जनजाति के परिवारों को भूमिक अधिकार पट्टों के वितरण कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने सुशासन के मूल सिद्धांतों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में शासन की सफलता का आधार जनता की खुशहाली मानी गई है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानाञ्च हिते हितम्:”अर्थात शासक का सुख प्रजा के सुख में और उसका हित प्रजा के हित में निहित होता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की उपलब्धि उसके व्यक्तिगत लक्ष्यों की पूर्ति से नहीं, बल्कि जनता के जीवन स्तर में सुधार से आंकी जाती है। जब समाज का हर वर्ग संतुष्ट और सुरक्षित महसूस करता है, तभी शासन सफल माना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने थारू जनजाति सहित अन्य पात्र परिवारों को भूमिक अधिकार पट्टे वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, ताकि हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे वंचित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और उन्हें उनके अधिकार मिल सकें।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने जनकल्याण और समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर रेखांकित किया।

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