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परम्परा 2026” में कथक की मनमोहक छटा, आकांक्षा श्रीवास्तव के निर्देशन में ‘जननी’ और ‘रिदम ऑफ करेज’ ने जीता दिल

पद्मजा कला संस्थान द्वारा कैसरबाग स्थित कला मण्डपम् प्रेक्षागृह में आयोजित “परम्परा 2026 – संगीत और नृत्य की एक शाम” कार्यक्रम में कथक की विविध रंगों से सजी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का निर्देशन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक नृत्यांगना डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव ने किया।

समारोह की मुख्य अतिथि मालिनी अवस्थी तथा विशिष्ट अतिथि विद्या बिंदु सिंह रहीं। संस्था अध्यक्ष सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर पद्मा गिडवानी, पं. रविनाथ मिश्रा, डॉ. मीरा दीक्षित, मंजुला पंत एवं ज्योति सिन्हा को “पद्जा सम्मान” से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रेरणादायक प्रस्तुति “रिदम ऑफ करेज” से हुई, जिसमें युवा कलाकारों ने कथक और अभिनय के माध्यम से संघर्ष और सफलता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

इसके बाद डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव की परिकल्पना में प्रस्तुत कथक नृत्य नाटिका “जननी” ने मां-बेटे के भावनात्मक रिश्ते को सशक्त अभिनय और नृत्य संयोजन के जरिए जीवंत कर दिया। संगीत निर्देशन बृजेन्द्र नाथ श्रीवास्तव का रहा, जबकि तबले पर पं. विकास मिश्रा ने संगत दी।

कार्यक्रम की तीसरी प्रस्तुति “लय स्पंदन” रही, जिसमें कथक के शुद्ध पक्ष को तीनताल, ठाठ, आमद, परन और जुगलबंदी के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

गायन में दिनकर द्विवेदी, तबला पर पं. विकास मिश्रा, सितार पर डॉ. नवीन मिश्रा, मोहन वीणा पर डॉ. शिखा शर्मा और पढ़ंत में स्वयं डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव ने उत्कृष्ट प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अलका निवेदन ने किया तथा प्रकाश व्यवस्था मनीष सैनी द्वारा संभाली गई। खचाखच भरे सभागार में उपस्थित कला प्रेमियों ने अंत तक इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन का भरपूर आनंद लिया।

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