Homeउत्तर प्रदेशलखनऊ को मिला ‘म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट

लखनऊ को मिला ‘म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को लखनऊ को बड़ी सौगात देते हुए ‘म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट’ का लोकार्पण किया। यह उद्घाटन गोमती नगर के विवेक खंड में आयोजित ‘गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति वार्षिकोत्सव’ के दौरान हुआ, जहां लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की कुल 5827.9 लाख रुपये की परियोजनाएं जनता को समर्पित की गईं।

चौक के हुसैनाबाद क्षेत्र में 4,973 वर्गमीटर में निर्मित यह म्यूजियम अवध की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करता है। करीब 4143.22 लाख रुपये की लागत से बने इस भवन की खासियत इसका 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर स्ट्रक्चर है, जो बिना किसी कॉलम या पिलर के खड़ा है और इसे प्रदेश की पहली ऐसी आइकॉनिक इमारत बनाता है।

म्यूजियम में ‘मूल धारा’, ‘हुनर का सफर’, ‘हस्तशिल्प’, ‘गंगा-जमुनी तहजीब’, ‘महफिल-ए-अवध’, ‘नृत्यकला’, ‘नाट्यशाला’ और ‘जायका-ए-अवध’ जैसी गैलरियों के माध्यम से अवध की कला, संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रूप में दर्शाया गया है। साथ ही, वीआर गेमिंग एरीना दर्शकों को इतिहास से जोड़ने का नया अनुभव देगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाए गए इस म्यूजियम से न केवल लखनऊ की पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को भी प्रोत्साहन मिलेगा। म्यूजियम सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। प्रवेश शुल्क बच्चों के लिए 50 रुपये और वयस्कों के लिए 100 रुपये निर्धारित किया गया है।

इसके अलावा, एलडीए ने शहर में तीन आधुनिक कम्यूनिटी सेंटर भी नागरिकों को समर्पित किए हैं, जिनमें हॉल, लाइब्रेरी, योगा सेंटर, क्लीनिक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

गोमती नगर के विनीत खंड में करीब 8 एकड़ क्षेत्र में ‘देव वन-नक्षत्र वाटिका’ भी विकसित की गई है, जहां 12 राशियों के प्रतीक पौधों का रोपण किया गया है। साथ ही, यहां ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी शुरू की गई है, जो नागरिकों को डिजिटल अध्ययन का नया प्लेटफॉर्म प्रदान करेगी।

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