राजधानी लखनऊ के विकास नगर सेक्टर-12 स्थित रिंग रोड किनारे बसी झुग्गी बस्ती में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 1200 झोपड़ियां जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। इस बस्ती में लगभग 200 से अधिक परिवार रहते थे, जो अब बेघर हो गए हैं।
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 22 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और देर रात तक आग पर काबू पाने का अभियान जारी रहा। तेज हवाओं और घनी बस्ती के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।
सिलेंडर ब्लास्ट से बढ़ी भयावहता
आग के दौरान बस्ती में रखे करीब 100 एलपीजी सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे, जिससे हालात और भयावह हो गए। धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और दूर तक काला धुआं फैल गया।
अफरा-तफरी, कई घर खाली कराए
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग की शुरुआत एक मस्जिदनुमा ढांचे से हुई बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के वक्त बस्ती में अफरा-तफरी मच गई और एहतियात के तौर पर आसपास के करीब 30 मकानों को खाली कराया गया। रिंग रोड पर यातायात भी कई घंटों तक प्रभावित रहा।
राहत कार्य जारी, जनहानि नहीं
प्रशासन के अनुसार इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कुछ बच्चों के लापता होने की सूचना है, जिनकी तलाश जारी है। वहीं, करीब 50 पशुओं के जलने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
करीब 250 प्रभावित लोगों को पास के नाइट शेल्टर में ठहराया गया है और उन्हें भोजन व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जांच के आदेश
उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा कर उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के इलाज, अस्थायी आवास और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी और अग्निशमन विभाग के अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन इस घटना ने झुग्गी बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
