नीति आयोग में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ अर्थशास्त्री और भाजपा नेता अशोक लाहिड़ी को आयोग का नया उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। वे मौजूदा उपाध्यक्ष सुमन बेरी की जगह ले सकते हैं।
इसके साथ ही गोबर्धन दास को आयोग का सदस्य बनाए जाने की भी चर्चा है।
चुनावी माहौल में अहम कदम
यह संभावित फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जारी हैं। ऐसे में इन नियुक्तियों को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अशोक लाहिड़ी बालुरघाट से भाजपा विधायक हैं, हालांकि वे 2026 का चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। वहीं, गोबर्धन दास 2021 में पूर्वस्थली उत्तर सीट से भाजपा उम्मीदवार रह चुके हैं।
मजबूत शैक्षणिक और पेशेवर प्रोफाइल
अशोक लाहिड़ी देश के जाने-माने अर्थशास्त्रियों में शामिल हैं। वे दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अध्यापन कर चुके हैं और विश्व बैंक व अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसी वैश्विक संस्थाओं से जुड़े रहे हैं।
इसके अलावा, वे वित्त मंत्रालय में अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं और राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान का नेतृत्व भी कर चुके हैं। वे भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार और 15वें वित्त आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं।
दूसरी ओर, गोबर्धन दास वर्तमान में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल के निदेशक हैं और इससे पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्राध्यापक रहे हैं।
सामाजिक और राजनीतिक संकेत
गोबर्धन दास दलित समुदाय से आते हैं, इसलिए उनकी संभावित नियुक्ति को सामाजिक प्रतिनिधित्व के नजरिए से भी अहम माना जा रहा है। 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान उन पर हमले के आरोप भी चर्चा में रहे थे।
पुनर्गठन की प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार, ये बदलाव आयोग में लंबे समय से चल रहे पुनर्गठन का हिस्सा हैं। सुमन बेरी पिछले करीब चार वर्षों से उपाध्यक्ष पद पर हैं, और इस दौरान आयोग की संरचना में बदलाव को लेकर चर्चाएं होती रही हैं।
चुनावी विश्लेषण में भी पहचान
अशोक लाहिड़ी चुनावी विश्लेषण में भी रुचि रखते हैं। उन्होंने India Decides नामक पुस्तक का सह-लेखन किया है, जिसमें 1952 से 1989 तक के चुनावी रुझानों का विश्लेषण किया गया है।
