लखनऊ। Yogi Adityanath ने रविवार को 60,244 आरक्षियों की पासिंग आउट परेड के अवसर पर कहा कि प्रदेश में अब माफियाराज समाप्त हो चुका है और दंगे अतीत की बात बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित है और अपराधियों में भय का माहौल है।
60 हजार से ज्यादा आरक्षियों की एक साथ पासिंग आउट
सीएम योगी ने वर्ष 2025 बैच के 60,244 पुलिस आरक्षियों की दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। यह परेड प्रदेश के 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जनपदों की पुलिस लाइंस, 29 पीएसी बटालियनों और 112 ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ आयोजित की गई।

‘अनुशासन और टीमवर्क ही सबसे बड़ी ताकत’
सीएम ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बेटियों सहित सभी प्रशिक्षुओं ने अनुशासन, समर्पण और तत्परता का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, “प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, आगे जीवन में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आएगी।”
नागरिकों के प्रति संवेदनशील रहें पुलिसकर्मी
मुख्यमंत्री ने नव आरक्षियों को संदेश देते हुए कहा कि कानून अपराधियों के लिए कठोर होना चाहिए, लेकिन आम नागरिकों के प्रति पुलिस का व्यवहार संवेदनशील होना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी आरक्षी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।
2017 के बाद पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन अब यूपी पुलिस को देश के बेहतरीन बलों में शामिल किया गया है।
- 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती
- 1 लाख से ज्यादा प्रमोशन
- ट्रेनिंग क्षमता 3 हजार से बढ़कर 60 हजार से अधिक
आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रही यूपी पुलिस
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब 55 जनपदों में पुलिसकर्मियों के लिए हाईराइज आवासीय भवन बनाए गए हैं। प्रशिक्षण को आधुनिक बनाने के लिए:
- स्मार्ट पीटी प्रोग्राम लागू
- INSAS और SLR राइफलों से ट्रेनिंग
- यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल लॉन्च
साइबर और फॉरेंसिक क्षमता में बढ़ोतरी
प्रदेश के 75 जनपदों में साइबर थानों की स्थापना की गई है। इसके साथ ही लखनऊ में फॉरेंसिक साइंस संस्थान की स्थापना कर पुलिस को वैज्ञानिक जांच के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
‘अब अपराधियों में भय, पुलिस का मनोबल ऊंचा’
सीएम योगी ने कहा कि अब प्रदेश में न तो दंगे होते हैं और न ही अवैध वसूली या गुंडा टैक्स। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस ने खुद को ‘स्मार्ट पुलिस’ के रूप में स्थापित किया है, जिससे आम जनता को सुरक्षा और सुविधा मिल रही है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी 13% से बढ़कर 36% से अधिक हो गई है। मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
