योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने विपक्षी दलों को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि उनके रवैये की निंदा के लिए ही यह विशेष सत्र बुलाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी “जन्मजात महिला विरोधी” हैं और उनके आचरण में यह स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के संशोधन का विरोध कर अपनी मंशा उजागर कर दी है।
सीएम ने सपा शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराधों ने “बर्बरता की सारी सीमाएं पार कर दी थीं”। उन्होंने पुराने मामलों और विवादों को याद दिलाते हुए कहा कि विपक्ष की छवि पहले से ही महिला सुरक्षा के मुद्दे पर संदिग्ध रही है।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के पास अपनी छवि सुधारने का अवसर था, लेकिन उन्होंने इसे भी गंवा दिया। उनका कहना था कि यदि विपक्ष चाहता तो इस विधेयक में सहयोग कर सकता था, लेकिन उसने इसके उलट रुख अपनाया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ऐसे प्रयास कर रहा है जिससे यह अधिनियम लागू न हो सके और व्यवस्था पर सवाल खड़े हों।
सदन में होगी तीखी बहस
सीएम योगी ने बताया कि पूरे दिन सदन में इसी मुद्दे पर चर्चा होगी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण पर आभार व्यक्त किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नीति-निर्धारण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेगा।
विपक्ष से माफी की मांग
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों के विधायकों से अपील की कि यदि उनमें नैतिक साहस है तो वे सदन में आकर अपने रुख को स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें अपनी गलती का एहसास है तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए या निंदा प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए
