लखनऊ में आयोजित “श्रमवीर गौरव समारोह-2026” के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों के योगदान को देश निर्माण की असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नए भारत’ के विजन को साकार करने वाले असली शिल्पकार श्रमिक ही हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में श्रमिकों की मेहनत और संघर्ष को भावनात्मक शब्दों में व्यक्त करते हुए कहा कि—
गर्मी, बरसात या लू जैसी कठिन परिस्थितियां भी श्रमिकों के हौसले को नहीं डिगा पातीं। वे बिना रुके, बिना थके अपने काम में जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों के पसीने की हर बूंद इस धरती को सोना उगलने के लिए प्रेरित करती है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और विकास को गति मिलती है।
सीएम ने समाज की पुरानी विडंबनाओं का जिक्र करते हुए कहा—
- जो श्रमिक दूसरों के लिए घर बनाते थे, उनके पास खुद का घर नहीं होता था।
- जो दूसरों के लिए शौचालय (इज्जतघर) बनाते थे, उनके अपने परिवार सम्मानजनक जीवन से वंचित रहते थे।
- जो अन्न पैदा कर देश का पेट भरते थे, उनके अपने बच्चे कई बार भूखे रह जाते थे।
- जो बड़े अस्पतालों का निर्माण करते थे, उन्हीं श्रमिकों को इलाज के लिए संघर्ष करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इन विसंगतियों को खत्म किया जाए और हर श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बदलती सोच, सशक्त होता श्रमिक वर्ग
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अब श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। आवास, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर काम किया जा रहा है, ताकि श्रमिक केवल देश निर्माण का हिस्सा ही न रहें, बल्कि विकास का लाभ भी बराबरी से प्राप्त करें।
