लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कलां गांव में स्थित पुराने किले को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारी स्थल पर पूजा की थाली लेकर पहुंचे, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
पुलिस ने रोका, कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
मौके पर तैनात पुलिस बल ने जब पदाधिकारियों को आगे बढ़ने से रोका, तो कुछ कार्यकर्ता वहीं जमीन पर बैठ गए और किले की ओर मुख करके आरती करने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी।
संगठन का दावा और आरोप
संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता Shishir Chaturvedi ने दावा किया कि यह स्थल मस्जिद नहीं बल्कि ऐतिहासिक कंसा पासी किला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां पहले कथित तौर पर अवैध गतिविधियां होती थीं और एक मौलाना के भाग जाने की बात भी कही।
स्थानीय विवाद की पृष्ठभूमि
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर करीब चार साल पहले जमील अहमद नामक व्यक्ति ने मस्जिद और मदरसा स्थापित किया था। इसके बाद से ही यह स्थल धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को लेकर विवादों में रहा है।
कई स्थानीय संगठनों और पासी समाज के लोगों का दावा है कि यह स्थल ऐतिहासिक कंसा पासी किला है, जिससे क्षेत्र का नाम भी जुड़ा है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, तनाव को देखते हुए बकरीद की नमाज को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
पहले भी हो चुके हैं प्रदर्शन
इससे पहले भी विभिन्न संगठनों द्वारा यहां हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ जैसे कार्यक्रम किए गए थे, जिसके बाद प्रशासन ने मौके पर पुलिस बल तैनात किया था।
