लखनऊ: अलीगंज के भीषण अग्निकांड के बाद भी राजधानी में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार सुबह करीब डेढ़ घंटे के भीतर शहर के दो अलग-अलग इलाकों में आग लगने से हड़कंप मच गया। पहला मामला कानपुर रोड स्थित लोकबंधु अस्पताल परिसर में संचालित आशा ज्योति (वन स्टॉप) सेंटर का रहा, जबकि दूसरा हादसा अमीनाबाद के गड़बड़झाला स्थित सिंगार महल मार्केट की एक दुकान में हुआ। राहत की बात यह रही कि दोनों घटनाओं में समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि लोकबंधु अस्पताल परिसर में हुई घटना के बाद बिजली विभाग और दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं।

लोकबंधु अस्पताल के वन स्टॉप सेंटर में लगी आग
मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 5:50 बजे आलमबाग फायर स्टेशन को सूचना मिली कि लोकबंधु अस्पताल परिसर में संचालित आशा ज्योति (वन स्टॉप) सेंटर में आग लग गई है। सूचना मिलते ही प्रभारी अग्निशमन अधिकारी धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में दो फायर टेंडर मौके पर भेजे गए।
दमकल कर्मियों के पहुंचने तक अस्पताल के कर्मचारी आग बुझाने में जुट चुके थे। जांच में पता चला कि आग बिजली के लाइट पैनल में लगी थी, जो बाद में फॉल्स सीलिंग तक फैल गई। दमकल कर्मियों ने हौज पाइप की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इस घटना में लाइट पैनल और फॉल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ।
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
आशा ज्योति केंद्र की प्रभारी अर्चना सिंह ने आरोप लगाया कि गुरुवार शाम से ही सेंटर की बिजली बार-बार ट्रिप हो रही थी। इसकी शिकायत बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन किसी अधिकारी ने समस्या का समाधान नहीं किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह आग लगने के बाद भी जेई समेत कई अधिकारियों को फोन किया गया ताकि बिजली आपूर्ति बंद कराई जा सके, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सूचना दिए जाने के बावजूद दमकल की गाड़ियां करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। तब तक अस्पताल के कर्मचारियों ने काफी हद तक आग पर काबू पा लिया था।

अमीनाबाद की दुकान में एसी से लगी आग
दूसरी घटना शुक्रवार सुबह 5:38 बजे अमीनाबाद के गड़बड़झाला स्थित सिंगार महल मार्केट में हुई। कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि दुकान संख्या-81 में आग लग गई है। यह दुकान सिद्दीकी खान की बताई गई है।
सूचना पर हजरतगंज और अमीनाबाद फायर स्टेशन की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। जांच में सामने आया कि आग दुकान में लगे एयर कंडीशनर (एसी) से शुरू हुई थी। दुकान बंद होने के कारण दमकल कर्मियों ने शटर काटकर अंदर प्रवेश किया और मोटर फायर इंजन की सहायता से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इस घटना में भी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
अलीगंज हादसे के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
हाल ही में अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद फायर सेफ्टी और आपातकालीन सेवाओं को लेकर प्रशासन ने कई दावे किए थे। लेकिन शुक्रवार सुबह हुई दोनों घटनाओं, विशेषकर लोकबंधु अस्पताल परिसर में बिजली विभाग के अधिकारियों का फोन न उठना और दमकल के देर से पहुंचने के आरोप, आपातकालीन व्यवस्थाओं की तैयारियों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहे हैं। लगातार सामने आ रही आग की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभी भी व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
