अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद आरोपी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल और सुरेंद्र प्रसाद शुक्ल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने आग लगने वाले कॉम्प्लेक्स के पास स्थित एक और अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया है।यह भवन वीरेंद्र शुक्ल की पत्नी विमला शुक्ला के नाम पर दर्ज बताया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि यह निर्माण आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक उपयोग के लिए किया गया था। एलडीए की टीम को मौके पर भवन का कोई स्वीकृत मानचित्र नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में निर्माण नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं।
पुलिस भी अब इस मामले की जांच कर रही है। यदि जांच में अग्निकांड वाले कॉम्प्लेक्स जैसी लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो अलीगंज थाना इस मामले में अलग से एफआईआर दर्ज करेगा।
तीसरे दिन भी जारी रही सीलिंग कार्रवाई
अग्निकांड के बाद शहर में अग्निशमन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ एलडीए की कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी रही।
शुक्रवार को मोहर्रम के कारण अभियान की रफ्तार कुछ धीमी रही, लेकिन इसके बावजूद 21 प्रतिष्ठानों को सील किया गया।
आवासीय भूखंड पर खड़ा मिला चार मंजिला कॉम्प्लेक्स
एलडीए अधिकारियों के अनुसार अलीगंज सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या A-3/89 आवासीय श्रेणी का है। इस भूखंड पर बेसमेंट सहित चार मंजिला व्यावसायिक निर्माण किया गया है। निरीक्षण के दौरान न तो कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर मिला और न ही भवन का स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत किया जा सका। अग्निकांड के बाद से इस कॉम्प्लेक्स की सभी दुकानों और कार्यालयों पर ताले लगे हुए हैं
एलडीए की संपत्ति शाखा द्वारा रिकॉर्ड की जांच में भी इस भवन के स्वीकृत मानचित्र का कोई विवरण नहीं मिला। हालांकि अधिकारी यह संभावना भी जता रहे हैं कि पहले की तरह एकल आवासीय मानचित्र स्वीकृत कराकर व्यावसायिक निर्माण किया गया हो सकता है।
कोचिंग संचालकों के साथ होगी बैठक
अग्निकांड के बाद छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों के भविष्य को देखते हुए एलडीए ने शनिवार और रविवार को कोचिंग संचालकों के साथ बैठक बुलाई है। बैठक में अग्नि सुरक्षा मानकों और भवन संबंधी नियमों के पालन पर चर्चा की जाएगी।
