मुरादाबाद की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब दंगे और उपद्रव का दौर समाप्त हो चुका है। कुंदरकी उपचुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने सांप्रदायिक राजनीति को नकारते हुए विकास और सुशासन का समर्थन किया है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सोच “बाबरी सोच” है, जो समाज को बांटने और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाने वाली रही है। उन्होंने संभल के हरिहर मंदिर और ऐतिहासिक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अतीत में जागरूकता की कमी के कारण सांस्कृतिक धरोहरों को क्षति पहुंची।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने जातिवाद, क्षेत्रवाद और तुष्टीकरण की राजनीति कर समाज में विभाजन पैदा किया, जबकि उनकी सरकार राष्ट्रवाद और विकास की राजनीति पर काम कर रही है।
अयोध्या को लेकर समाजवादी पार्टी के हालिया बयानों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने अयोध्या का अभूतपूर्व विकास किया है। उन्होंने दावा किया कि अब विपक्ष भी अयोध्या के महत्व को स्वीकार करने लगा है, जिसे उन्होंने अपनी वैचारिक जीत बताया।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश “नो कर्फ्यू, नो दंगा, सब चंगा” की पहचान बना चुका है। उन्होंने दोहराया कि महिलाओं, व्यापारियों और किसानों के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति जारी रहेगी
अपने संबोधन के अंत में योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव से मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर स्पष्ट रुख अपनाने की चुनौती दी। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की राजनीतिक जमीन कमजोर हो चुकी है और जनता अब उसके पुराने राजनीतिक दावों पर विश्वास नहीं करती।
