रिपोर्ट -गोविंद कश्यप
लखनऊ :उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने छात्राओं के हित में बड़ा फैसला लेते हुए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अब योजना का लाभ केवल मेधावी छात्राओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिव्यांग, शहीद और निराश्रित परिवारों की छात्राओं को भी प्राथमिकता के आधार पर स्कूटी दी जाएगी।
सरकार ने जुलाई में इस योजना को मंजूरी दी थी। योजना के तहत प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उनके आवागमन को आसान बनाना है। योजना के लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
50 हजार छात्राओं को मिलेगा लाभ
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत प्रदेश की करीब 50 हजार छात्राओं को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। पात्र छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी के साथ पंजीकरण शुल्क, बीमा, आईएसआई प्रमाणित हेलमेट, जरूरी एक्सेसरीज और पांच लीटर पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सामान्य स्थिति में विश्वविद्यालय और महाविद्यालय की टॉप-5 प्रतिशत छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धि को आधार बनाया जाएगा।
सरकार के नए फैसले के मुताबिक दिव्यांग, शहीद और निराश्रित परिवारों की छात्राओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इन वर्गों की छात्राओं के लिए केवल स्नातक उत्तीर्ण होना पात्रता का आधार होगा। उन्हें टॉप-5 प्रतिशत की अनिवार्यता से छूट दी जाएगी।
यानी यदि कोई छात्रा दिव्यांग है या शहीद अथवा निराश्रित परिवार से है, तो उसे सामान्य मेधावी छात्राओं की तरह टॉप-5 प्रतिशत में स्थान हासिल करने की बाध्यता नहीं होगी।
GeM पोर्टल से खरीदी जाएगी स्कूटी
योजना के तहत स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। सरकार का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।
सरकार के इस फैसले से जरूरतमंद छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर दिव्यांग और निराश्रित परिवारों की छात्राओं के लिए यह योजना आवागमन की परेशानी कम करने के साथ शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।
