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लखनऊ हत्याकांड: 18 अगस्त की कोर्ट सुनवाई के बाद क्या हुआ? 48 घंटे में तय हुई खौफनाक साजिश

रिपोर्ट – प्रिया बाजपेई शुक्ला

लखनऊ। बैंक अधिकारी मानस बाजपेयी द्वारा पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका बाजपेयी की हत्या के बाद खुद को गोली मारकर जान देने के मामले में पुलिस की जांच के साथ कई सवाल सामने आ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने मानस को इस खौफनाक कदम तक पहुंचाया।

परिवार और स्थानीय लोगों के मुताबिक, मानस और दिव्या के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बहन तूलिका को साथ रखने को लेकर दोनों के बीच मतभेद थे। दिव्या ने तलाक और मुआवजे से जुड़ी अर्जी भी दाखिल की थी। हालांकि, ये विवाद काफी समय से चल रहे थे। ऐसे में 18 अगस्त की कोर्ट की सुनवाई के बाद अचानक क्या बदला, यह जांच का अहम बिंदु बना हुआ है।

18 अगस्त की सुनवाई के बाद बढ़ी बेचैनी

बताया जा रहा है कि 18 अगस्त को कोर्ट में सुनवाई थी। मानस कोर्ट पहुंचा, लेकिन दिव्या वहां नहीं आईं। इसके चलते अगली तारीख दे दी गई। दिव्या के कोर्ट न पहुंचने के कारणों की जानकारी लेने के बाद मानस को कथित तौर पर कुछ ऐसी जानकारी मिली, जिससे वह परेशान हो गया।

दोस्तों के अनुसार, कोर्ट से लौटने के बाद मानस काफी बेचैन था। उन्होंने बताया कि उसे इससे पहले इस तरह परेशान कभी नहीं देखा गया था।

48 घंटे में सामने आया खौफनाक घटनाक्रम

कोर्ट की सुनवाई के बाद करीब 48 घंटे के भीतर ही मानस ने पत्नी और बहन की हत्या की योजना बना ली। इसके बाद उसने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी और खुद भी गोली मारकर जान दे दी।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि 18 अगस्त को कोर्ट और उसके बाहर वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था। पुलिस जांच के जरिए इस कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

परिवार ने बताया- बहन को साथ रखने को लेकर था विवाद

मानस के मामा अवधेश शुक्ला के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच अक्सर कहासुनी होती थी। सबसे बड़ा विवाद मानस की बहन तूलिका को साथ रखने को लेकर था। दिव्या चाहती थीं कि मानस अपनी बहन को साथ न रखे, जबकि मानस अपनी बहन को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था।

वहीं, दिव्या के परिवार ने मानस पर उन्हें परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दिव्या के पिता सतीश चंद्र मिश्रा का कहना है कि मानस की हरकतों से उनकी बेटी काफी परेशान रहती थी। परिवार ने दोनों के बीच समझौता कराने और रिश्ता बचाने की कई कोशिशें भी की थीं, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।

दिव्या की बहन ने भी लगाए गंभीर आरोप

दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने भी मानस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि दिव्या पति के व्यवहार से परेशान थीं और उन्हें छोड़ना चाहती थीं। प्रज्ञा ने मानस पर उनकी मां की हत्या का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए शव

शुक्रवार को केजीएमयू पोस्टमार्टम हाउस में मानस, दिव्या और तूलिका के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद दिव्या के जीजा भरत यादव और ममेरे भाई मयंक दीक्षित उनका शव लेकर रवाना हुए। वहीं मानस और तूलिका के शव उनके मामा अपने साथ ले गए।

जांच में अहम हो सकता है 18 अगस्त का घटनाक्रम

इस पूरे मामले में पारिवारिक विवाद, तलाक की कार्यवाही और पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे मतभेद पहले से सामने आ चुके हैं। लेकिन 18 अगस्त की कोर्ट सुनवाई के बाद मानस के व्यवहार में अचानक आए बदलाव को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आखिर उस दिन उसे ऐसी क्या जानकारी मिली, जिसने उसके फैसले को प्रभावित किया—इस सवाल का जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगा।

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