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लोहिया संस्थान में CVTS विभागाध्यक्ष डॉ. एपी जैन निलंबित, रेजिडेंट डॉक्टरों ने लगाए गंभीर आरोप

न्यूज़ डेस्क, लखनऊ

लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के कॉर्डियो वैस्कुलर थौरेसिक सर्जरी (CVTS) विभाग के अध्यक्ष डॉ. एपी जैन को निलंबित कर दिया गया है। विभाग के प्रथम वर्ष के पांच रेजिडेंट डॉक्टरों ने उनके खिलाफ अभद्रता और मानसिक रूप से परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए थे। रेजिडेंट डॉक्टरों की लिखित शिकायत के आधार पर संस्थान प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।

निदेशक ने जारी किया निलंबन आदेश

संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने गुरुवार को डॉ. एपी जैन के निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में उन्हें कुलसचिव कार्यालय से संबद्ध किया गया है। वहीं, CVTS विभाग के संचालन की जिम्मेदारी डीन डॉ. प्रद्युम्न सिंह को अतिरिक्त रूप से सौंपी गई है।

निष्पक्ष जांच के लिए लिया गया फैसला

निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टरों की ओर से लिखित शिकायत मिली थी, जिसमें विभागाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसलिए डॉ. जैन को विभागाध्यक्ष पद से हटाकर निलंबित किया गया है।

उन्होंने बताया कि जांच में शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों, संबंधित तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मरीजों के इलाज पर असर न पड़े, इसलिए डीन को जिम्मेदारी

प्रशासन ने CVTS विभाग का नियमित कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए डीन डॉ. प्रद्युम्न सिंह को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। संस्थान का प्रयास है कि मरीजों का इलाज, ऑपरेशन और विभाग की अन्य गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहें।

प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी। फिलहाल रेजिडेंट डॉक्टरों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है और जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

देर रात तक फोन और वाट्सऐप पर निर्देश देने का आरोप

रेजिडेंट डॉक्टरों ने शिकायत में डॉ. एपी जैन पर काम के दौरान ही नहीं, बल्कि अवकाश के समय भी देर रात तक फोन और वाट्सऐप के जरिए निर्देश देने का आरोप लगाया है।

शिकायत के मुताबिक, डॉ. जैन देर रात फोन पर बात करते थे और मरीजों से जुड़े निर्देश वाट्सऐप के माध्यम से भेजते थे। आरोप है कि छुट्टी के दिनों में भी रेजिडेंट डॉक्टरों को देर रात तक संदेश भेजकर काम के सिलसिले में निर्देश दिए जाते थे। रेजिडेंट डॉक्टरों ने इसे मानसिक दबाव का कारण बताया है।

नर्सिंग एसोसिएशन ने भी पहले की शिकायतों का उठाया मुद्दा

डॉ. एपी जैन पर इससे पहले भी गंभीर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। संस्थान के नर्सिंग एसोसिएशन ने उनके खिलाफ शासन से लेकर महिला आयोग तक शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।

नर्सिंग एसोसिएशन का आरोप है कि पूर्व में की गई शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मौजूदा निलंबन के बाद संघ ने पुराने मामलों की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि CVTS विभाग का कार्य वातावरण लंबे समय से अनुकूल नहीं रहा है। संघ के मुताबिक, महिला नर्सिंग ऑफिसर भी विभाग में काम करने को लेकर असहज और चिंतित रहती हैं।

संघ ने मांग की है कि मौजूदा जांच के साथ पूर्व में की गई शिकायतों और आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।

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