रिपोर्ट -अंकित पाण्डेय
हमीरपुर। दुनिया में कदम रखते ही जिस मासूम को न अपराध का पता है और न मां के मुकदमे का, उसकी जिंदगी की पहली कहानी ही जेल से जुड़ गई। मनकी खुर्द हत्याकांड में पति के साथ जेल में निरुद्ध किरण पत्नी कामता प्रसाद निषाद ने जिला अस्पताल में बेटे को जन्म दिया।
फतेहपुर जेल से हमीरपुर जेल स्थानांतरित होने के 29 दिन बाद 21 अगस्त की शाम करीब 7:05 बजे बेटे की किलकारी गूंजी। मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
किरण मनकी खुर्द, थाना कुरारा की रहने वाली है। उसे पति कामता प्रसाद निषाद के साथ एक जून 2026 को फतेहपुर जेल भेजा गया था। दोनों को 23 जुलाई को फतेहपुर जेल से जिला कारागार हमीरपुर स्थानांतरित किया गया।
जेल प्रशासन के अनुसार किरण पहले से गर्भवती थी। हमीरपुर जेल आने के बाद उसके स्वास्थ्य की नियमित जांच और चिकित्सकीय निगरानी की जाती रही। प्रसव पीड़ा होने पर 20 अगस्त को किरण को जिला अस्पताल ले जाया गया।
चिकित्सकों की निगरानी में अगले दिन शाम 7:05 बजे उसने बेटे को जन्म दिया। जेल अधीक्षक मंजीव विश्वकर्मा ने बताया कि मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
गर्भावस्था में होती रही नियमित जांच
जेल अधीक्षक के अनुसार गर्भवती महिला बंदी की नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाती रही। जेल के चिकित्सक उसकी निगरानी करते थे और जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल के चिकित्सकों से परामर्श लिया जाता था। गर्भावस्था के दौरान उसे निर्धारित डाइट भी दी जाती रही।
पति भी जेल में, मुकदमा विचाराधीन
कुरारा थाना प्रभारी प्रिंस दीक्षित के मुताबिक किरण और उसका पति कामता प्रसाद निषाद विजय निषाद हत्याकांड में आरोपी हैं। मामले की विवेचना कुरारा पुलिस कर रही है और मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।
पुलिस के अनुसार बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरी गांव निवासी विजय निषाद को आठ मई को किरण ने मनकी खुर्द स्थित घर बुलाया था। आरोप है कि यहां उसकी हत्या की गई। इसके बाद शव को रेउना थाना क्षेत्र के तहरापुर गुरैया जंगल ले जाकर जलाने का प्रयास किया गया था।
फिलहाल नवजात का इस मुकदमे से कोई संबंध नहीं है। अब बच्चे की आगे की देखभाल को लेकर नियमानुसार व्यवस्था की जाएगी।
