न्यूज डेस्क, लखनऊ
लखनऊ में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। बलरामपुर अस्पताल में गुरुवार को H1N1 संक्रमित महिला की मौत के एक दिन बाद शुक्रवार को दो और मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। दोनों मरीजों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए प्रदेश के सभी 75 जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. बीकेएस चौहान के मुताबिक, दोनों मरीजों की RT-PCR जांच में H1N1 वायरस की पुष्टि हुई है। दोनों का इलाज वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आनंद की निगरानी में किया जा रहा है। फिलहाल दोनों मरीजों की हालत स्थिर बताई गई है।
स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड रिजर्व
बलरामपुर अस्पताल की आइसोलेशन वार्ड बिल्डिंग को स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए रिजर्व कर दिया गया है। नए मरीज सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
75 जिलों के डीएम को निगरानी बढ़ाने के निर्देश
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग और सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से स्वाइन फ्लू के मामलों की नियमित समीक्षा करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में पर्याप्त उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आइसोलेशन वार्ड, जरूरी दवाएं, जांच किट और अन्य चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल इलाज मिल सके।
संक्रमित मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री होगी चेक
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। खासतौर पर दिल्ली-NCR से जुड़े जिलों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उन्होंने संक्रमित मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
जरूरत के अनुसार संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन की सलाह भी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को स्वाइन फ्लू की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लक्षण दिखने पर जांच कराने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लक्षण दिखाई देने पर समय रहते डॉक्टर से सलाह लें और जरूरत पड़ने पर जांच कराएं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
